रुद्रपुर। पुलिस ने ऊधमसिंह नगर से दिल्ली गए 400 किसानों को चिह्नित कर लिया है। खुफिया विभाग और पुलिस की 12 से अधिक टीमें विभिन्न क्षेत्रों के किसानों पर निगरानी रख रही हैं। दिल्ली में हुए बवाल में यदि इन किसानों की लिप्तता मिलती है तो कार्रवाई हो सकती है। पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर जिले से बाजपुर से सबसे अधिक किसान दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में शामिल हुए थे।
दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुए बवाल के बाद पुलिस किसानों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है। जिले में दिल्ली जैसी कोई घटना न हो, इसके लिए सभी सीमाओं को छावनी में तब्दील किया जा चुका है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा गश्त बढ़ाने और किसानों की हर गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है। अब तक जिले से दिल्ली गए 400 किसानों को चिह्नित कर लिया है। अन्य किसानों की सूची भी तैयार की रही है।
एसएसपी ने बताया कि बाजपुर और जसपुर से सबसे अधिक किसान दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए गए थे। इसके अलावा रुद्रपुर, काशीपुर, दिनेशपुर, गदरपुर, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा से भी किसान ट्रैक्टर और बसों से दिल्ली गए थे। जिले के किसानों का धरना और दिल्ली कूच अभी तक शांतिपूर्ण रहा है।
कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी खुफिया विभाग और पुलिस की स्पेशल टीमें नजर रख रही हैं। गलत सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कई लोगों को चिह्नित किया है। उन्होंने लोगों से गलत सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है।
घोटालों की जांच कर रही एसआईटी भी सीमा पर तैनात
रुद्रपुर। जिले में हुए एनएच घोटाले, सिडकुल घोटाले और दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को भी एहतियात के तौर पर रामपुर सीमा पर तैनात कर दिया गया है। सीमा पर तैनात पुलिस के जवान सभी हरकतों पर नजर रख रहे हैं। रुद्रपुर से यूपी को जाने वाले सभी वाहनों की सीमा पर एंट्री की जा रही है। वहीं यूपी से आने वाली बसों को रोका जा रहा है। (संवाद)
किसानों ने लाल किले की घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
जसपुर। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने मासिक पंचायत कर गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। भाकियू के सदस्यों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति प्रांगण में पंचायत कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने साजिश के तहत किसानों की ट्रैक्टर परेड को लाल किले पर पहुंचाया।
किसानों और जवानों को आपस में लड़वा दिया क्योंकि जिन मार्गों पर ट्रैक्टर परेड को जाना था, उन रास्तों पर बेरिकेडिंग लगाकर उन्हें बद कर दिया गया था। दूसरे रास्तों को खुला छोड़ दिया गया, जिससे असामाजिक तत्व लाल किले पर पहुंचने में सफल रहे और शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। पंचायत में ज्ञानी शीतल बड़वाल, मुख्त्यार सिंह, शीतल सिंह, चौधरी किशन सिंह, इंद्रपाल सिंह, दीदार सिंह, अपार सिंह, जागीर सिंह आदि थे। (संवाद)