बाजपुर। तहसीलदार प्रेम सिंह चौहान ने बताया कि गांव गोबरा के कोसी नदी खनन क्षेत्र में सोमवार देर रात भीषण अग्निकांड में 34 लोगों की करीब 60-70 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। राजस्व टीम ने सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। राजस्व प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता के तहत 34 अग्निपीड़ितों को एक लाख 29 हजार 200 रुपये की धनराशि बांटी गई।
राजस्व टीम के आंकड़ो के अनुसार जयलाल, सुरेश, जसवंत, चंद्रप्रकाश, दयाराम, नरेशपाल, हीरा लाल, जयपाल, लीलाधर, आकाश कुमार, ओमपाल, रक्षपाल, इंद्रपाल, प्रेम सिंह, राखी, श्रीराम, मित्रपाल, रामवीर, रामहीया, श्रीपाल, राममूद्दत, डालचंद, गब्बर, राजवीर, कुमरपाल, रमप्रसाद, राजकुमार, सुरेश, मंजू, पूरन, भारत, ओमेंदर, रामौतार, बृजेश की झोपड़ी जलकर राख हो गई।
इन पीड़ित परिवारों का करीब 12 लाख 22 हजार 600 रुपये का नुकसान बताया गया है। तहसीलदार चौहान ने बताया कि प्रति अग्नि पीड़ित को 3800 रुपये के हिसाब से एक लाख 29 हजार 200 रुपये की आर्थिक सहायता बांटी गई है। ब्लाक प्रमुख पति राजकुमार ने बताया कि अग्निकांड को कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने भी गंभीरता से लिया है। कैबिनेट मंत्री आर्य ने पीड़ितों को शासन स्तर से सहायता दिलाने की बात कही है।
अग्निपीड़ितों ने खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
बाजपुर। गांव गोबरा में कोसी नदी खनन क्षेत्र में सोमवार रात को भीषण अग्निकांड में खनन मजदूरों के आशियाना सहित अन्य सभी घरेलू सामान जलकर स्वाहा हो गया। अग्निकांड में करीब 60 70 झोपड़ी जलकर राख हो गई। आशियाना राख होने के बाद बेघर हुए खनन मजदूरों ने एक गुरुद्वारा साहिब और तो कई मजदूरों ने खुले आसमान के नीचे जागकर रात गुजारी।
बताते हैं कि यूपी के बदायूं सहित अन्य आसपास जिलों से आए मजदूरों के परिवार पिछले 20 साल से खनन कार्य से जुड़े है। घटना की सूचना पर सोमवार देर रात एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार प्रेम सिंह चौहान ने अग्निपीड़ित परिवारों को नजदीक के स्कूल, गुरुद्वारा साहिब में ठहराया।
कई पीड़ित परिवारों ने खुले आसमान के नीचे ही अपनी रात गुजारी। मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा के सेवकों ने पीड़ित परिवारों की मदद की। बेघर हुए मजदूर परिवार आग से जले सामान को देख देख कर रोते नजर आए। इधर बाजपुर बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने प्रदेश सरकार से प्रति अग्नि पीड़ित को एक लाख रुपये की सहायता देने की मांग की है।