सेल्स टैक्स विभाग ने छह फर्मों में छापा मारकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ी है। कागजों में व्यापार करने वाली दो फर्में धरातल पर गायब मिलीं। प्रारंभिक जांच में करीब 30 लाख रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। चार फर्मों से जब्त किए अभिलेखों को टीम खंगाल रही है।
एडिशनल कमिश्नर आईएस बृजवाल के निर्देश पर एसटीएफ इकाई ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को किच्छा की 3, सितारगंज में 2 और सिडकुल पंतनगर में स्थित एक फर्म की जांच की। सितारगंज की 2 फर्म कागजों में दर्शाए गए व्यापार स्थल पर पाई ही नहीं गईं। किच्छा और रुद्रपुर की फर्मों ने करोड़ों की खरीद दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट की आड़ में टैक्स चोरी की जा रही थी।
प्रदेश में बाहर से माल मंगाकर टैक्स बचाने के लिए कागजों में दोबारा बाहर भेजना दर्शाया गया था, लेकिन हकीकत में माल को उत्तराखंड में भी बेचा जा रहा था। टीम ने किच्छा और रुद्रपुर की चारों फर्मों के अभिलेख जब्त किए हैं। ये फर्म करीब 8 करोड़ की खरीद पर फर्जी आईटीसी का दावा कर टैक्स से बचने का प्रयास कर रही थी। डिप्टी कमिश्नर हेमा बिष्ट ने बताया कि प्रथमदृष्टया करीब 30 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
आगे जांच में टैक्स चोरी बढ़ भी सकती है। कागजों में व्यापार कर रही सितारगंज की दो फर्म स्वास्तिक इंटरप्राइजेज और श्री श्याम इंटरप्राइजेज मौके पर नहीं मिली। दोनों फर्मों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के साथ ही इनमें खरीद और बिक्री करने वाली फर्मों से जानकारी ली जाएगी। टीम में डिप्टी कमिश्नर मोहिता भंडारी, असिस्टेंट कमिश्नर भुवन पांडे, शैलजा पाठक, विनय पांडे, गौरव पंत, नंदन गिरी, अंजू जोशी, गोवर्धन लाल शामिल रहे।