कुछ ही महीनों में गन्ने का नया सीजन शुरू हो जाऐगा। लेकिन चीनी मिलों ने किसानों का बकाया भुगतान नही किया है। राज्य की सभी नौ चीनी मिलों पर किसानों का 275 करोड़ रुपया बाकी है।
सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल सितारगंज, बाजपुर और नाहेदी पर 11135.82 लाख, सरकारी चीनी मिल किच्छा और डोईवाला पर 4697.18 लाख प्राइवेट चीनी मिल लिब्बरहेडी, इकबालपुर और लक्सर पर 47494.79 लाख रुपया बाकी है।
हकारी चीनी मिल सितारगंज पर 3815.70 लाख, बाजपुर 5043.98 लाख, नादेही 2276.14 लाख, किच्छा 2463.25 लाख, डोईवाला 2233.93 लाख, लिब्बरहेडी 4496.72 लाख, इकबालपुर 3890.72 लाख, लक्सर 3274.35 लाख बकाया है।
भी चीनी मिलों पर कुल 274 करोड़ 94 लाख 79 हजार रुपया बकाया है। गन्ना आयुक्त के जन संपर्क अधिकारी कमल जोशी ने बताया कि सभी चीनी मिलों को किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान करने का निर्देष दिए गए है।
बकाया दिलाने की मांग की
भारतीय किसान यूनियन के नेता बलजिंदर सिंह संधु ने सरकार से सभी बकाया भुगतान ब्याज सहित करने की मांग की है। संघ ने कहा कि किसान जब गन्ना समितियों से खाद बीच और दवाई लेता है तो समिति किसान से ब्याज सहित वसूल करती है। तब किसान का बकाया भुगतान भी किया जाना चाहिए।
सरकार ने दी आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार ने राज्य की चीनी मिलों को गन्ना खरीद पर प्रति क्विंटल 13 रुपये 30 पैसे की दर से आर्थिक सहायता दी है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने राज्य की सभी नौ चीनी मिलो को 37 करोड़ 30 लाख की आर्थिक सहायता दी है।
यह सहायता गन्ना खरीद पर प्रति क्विंटल 13 रुपया 30 पैसा है। प्राप्त समाचार के अनुसार प्रदेश सरकार ने किसान सहकारी चीनी मिल सितारगंज को दो करोड़ 42 लाख छह हजार, किसान सहकारी चीनी मिल बाजपुर को चार करोड़ 28 लाख 79 हजार, सहकारी चीनी मिल नादेही को तीन करोड़ 13 लाख 40 हजार, किच्छा शुगर मिल चार करोड़ 16 लाख 29 हजार, डोईवाला शुगर मिल को तीन करोड़ 23 लाख 46 हजार, उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी को पांच करोड़ सात लाख 47 हजार और लक्ष्मी शुगर मिल इकबालपुर को चार करोड़ 88 लाख 99 हजार, आईबीएनएस शुगर मिल लक्सर को 10 करोड़ नौ लाख 54 हजार का अनुदान किसानों की बकाए भुगतान को दिया है।