रुद्रपुर। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से पहाड़गंज में अवैध निर्माण चिह्नित करने की कार्यवाही जारी है। टीम ने 252 अवैध निर्माण चिह्नित कर निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिए हैं। इसके साथ ही अवैध भवनों पर लाल रंग का निशान लगाकर नंबरिंग की जा रही है। डीडीए के लाल निशान से पहाड़गंज के लोगों में खलबली मची हुई है।
दरअसल, नजूल भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। स्टांप पर जमीन को बेचा जा रहा है। पहाड़गंज ही नहीं बल्कि खेड़ा, रविंद्रनगर, भूतबंगला, रंपुरा सहित तमाम जगहों पर निर्माण हो रहे हैं। डीडीए और प्रशासन ने पहाड़गंज में सर्वे किया जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पाए गए। बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने 12 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की। बृहस्पतिवार को डीडीए की टीम पहाड़गंज में घूमकर अवैध निर्माण चिह्नित कर संबंधित लोगों को नोटिस दिए। हालांकि बृहस्पतिवार को अवैध निर्माण पर जेसीबी का शोर थमा रहा लेकिन प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से सीलिंग और नजूल पर निर्माण कर रहे लोगों की नींद उड़ी हुई है।
डीडीए सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि पहाड़गंज में 252 अवैध निर्माण चिह्नित हो चुके हैं। सभी अवैध निर्माण पर लाल रंग से निशान लगाकर नंबरिंग की जा रही है। सभी को पक्ष रखने के लिए नोटिस में 15 दिन का समय दिया जा रहा है। इस दौरान भूस्वामित्व सहित अन्य दस्तावेज जांचे जाएंगे। अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।
सरकारी जमीन को संरक्षित करने के लिए मांगी योजना
जिला प्रशासन सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ गंभीर रुख अपना रहा है। एडीएम पंकज उपाध्याय ने नगर आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार और डीडीए के सहायक अभियंता को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 15 पहाडगंज व फाजपुर महरौला में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण, सरकारी व सीलिंग की जमीनों पर कब्जे के तथ्य प्रकाश में आए हैं। सरकारी जमीनों के संरक्षण की कार्यवाही की जानी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़गंज एवं फाजलपुर महरौला में सरकारी व सीलिंग की जमीन पर निर्माणाधीन अवैध बाउंड्रीवाल, अवैध प्लींथ निर्माण को तत्काल तोड़ते हुए सरकारी भूमि संरक्षित करने की कार्यवाही करें। साथ ही वादग्रस्त सीलिंग भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई करते हुए संयुक्त अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। उन्होंने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने एवं संरक्षण करने के लिए भविष्य में की जाने वाली कार्यवाही की योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अवैध निर्माण हटाने को लेकर की जा ही प्रगति से प्रत्येक सप्ताह अवगत कराने को कहा है।