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प्लांट की लांचिंग में 251 महिलाओं को मिलेंगे मुफ्त सेनेटरी नैपकिन

Sun, 11 Feb 2018 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
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रुद्रपुर की निर्माण यूनिट में नेपकीन बनाती महिलाएं। - फोटो : Amar Ujala
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महिलाओं को सस्ते दामों में सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने की मंशा से स्थापित राज्य की पहली सेनेटरी नैपकिन निर्माण यूनिट के उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि स्थानीय अफसरों ने उच्चाधिकारियों को 19 फरवरी के बाद कभी भी यूनिट के उद्घाटन के लिए हामी भर दी है। वहीं, यूनिट में महिलाएं नैपकिन बनाने के गुर सीख रही हैं। यूनिट की लांचिंग के दिन 251 निर्धन महिलाओं को मुफ्त में एक-एक पैकेट सेनेटरी नैपकिन वितरित किया जाएगा। इसी दिन शहर के चार गर्ल्स कॉलेज को नैपकिन वेडिंग मशीन भी दी जाएगी। 

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तमिलनाडु के पद्मश्री अरुणाचलम मुरुगनाथम के जीवन पर बनी ‘पैडमैन’ फिल्म रिलीज हो चुकी है। मुरुगनाथम से प्रेरित होकर जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने भी महिलाओं को सस्ते दामों में सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने के लिए वेदांता ग्रुप की हिंदुस्तान जिंक कंपनी का सहयोग लिया। कंपनी की मदद से विकासखंड परिसर में टिन शेडों में 10 लाख रुपयों की लागत की यूनिट तैयार हो चुकी है।

यूनिट में 10 प्रकार की नैपकिन का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में स्वयं सहायता समूह और जरूरतमंद आंगनबाड़ी सहायिकाएं नैपकिन बनाने में महारथ हासिल कर रही हैं। अजमेर (राजस्थान) की शहनाज इंटरप्राइजेज कंपनी के ट्रेनर अब्दुल अलीम खान इन महिलाओं को नैपकिन बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। बताया कि बहुत कम समय में ही महिलाओं ने बेहतर नैपकिन बनाना सीख लिया है। हालांकि अभी दस में से दो नैपकिन में गलतियां हो रही हैं, लेकिन एक हफ्ते के भीतर महिलाएं नैपकीन बनाने में विशेषज्ञ हो जाएंगी। बताया कि प्लांट में आठ मशीनें लगाई गई हैं। 
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नैपकिन निर्माण यूनिट के औपचारिक उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन 19 फरवरी के बाद कभी भी उद्घाटन के लिए आला अधिकारियों को कह दिया गया है। उद्घाटन के दिन यूनिट में बने नैपकिन के एक-एक पैकेट 251 निर्धन महिलाओं को निशुल्क दिए जाएंगे। चार गर्ल्स कॉलेजों को नैपकिन वेडिंग मशीन भी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर छात्राओं को असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़े। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह और जरूरतमंद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रशिक्षण ले रही हैं।
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डॉ. अखिलेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग। 

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