रुद्रपुर। सितारगंज की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को आरटीआई के तहत सूचना न देना भारी पड़ गया। आयोग ने अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारी अनियमितता के आरोप में निलंबित चल रही है।
सितारगंज के अरविंद नगर निवासी निखिलेश घरामी ने आरटीआई के तहत सितारगंज की ग्राम पंचायत देवीपुरा, डियोढ़ी, बिड़ौरा, गिधौर आदि ग्राम पंचायत की सूचना मांगी। इसमें 2019-20 से सूचना दिए जाने की तिथि तक ग्राम पंचायत में टाइड-अनटाइड मद में प्राप्त धनराशि और खर्च का स्पष्ट विवरण सहित कैशबुक की प्रमाण प्रति, जीपीडीपी के लिए खुली बैठक का प्रस्ताव आदि की मांग की गई थी। आयोग की कई सुनवाई में वीपीडीओ उपस्थित नहीं हुई। इस पर आयोग ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
बाद में कुल आठ ग्राम पंचायतों की ओर से जो सूचना दी गई वह अस्पष्ट व भ्रामक पाई गई। इसमें 2019 से अब तक का प्रस्ताव रजिस्टर्ड नहीं पाया गया। साथ ही कैशबुक अपूर्ण, एमबी में क्रम संख्या उपलब्ध नहीं, अधिकांश बिलों में तिथि नहीं, ग्राम पंचायतों में लगे हैंडपंप में से एक तिहाई बिल उपलब्ध नहीं, शासनादेश उपलब्ध नहीं पाया गया। इसको राज्य सूचना आयुक्त उत्तराखंड योगेश भट्ट ने वीपीडीओ मीनू आर्य पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की चेतावनी दी है।