काशीपुर में पेट्रोल, डीजल के व्यय पर ऑडिट की आपत्ति किए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। इस मद में होने वाले खर्च को पारदर्शी बनाने के लिए निगम के स्वच्छता के कार्य में लगे सत्रह वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) लगाने पर विचार किया जा रहा है। इस पर करीब ढाई लाख रुपये के व्यय का अनुमान है। इसके लिए नगर निगम के सफाई निरीक्षक पर्यवेक्षण करेंगे।
काशीपुर नगर निगम में 34 वाहन हैं। इनमें से सत्रह वाहन सफाई कार्य में लगे हैं। इनमें आठ ट्रैक्टर, दो डंपर, पोकलैंड मशीन, सीवर मशीन और पांच टेंपो हैं। नगर निगम के कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि इन वाहनों के संचालन में वर्ष 2015 में मार्च, अप्रैल, मई, जून के दौरान करीब 11 लाख रुपये का व्यय किया गया था।
वाहनों में डाले गए तेल का ब्योरा बाउचरों में तो अंकित हैं, लेकिन वाहनों के चालकों की ओर से इसे लॉगबुक में नहीं चढ़ाया गया। वाहनों में डीजल व्यय का विवरण दर्शाने के लिए लॉगबुक ऑडिट टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई, जिस पर ऑडिट में आपत्ति लगा दी गई। नगर निगम आयुक्त केके मिश्र ने बताया कि स्वच्छता कार्य में लगे वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने पर विचार किया जा रहा है।
निगम में कार्यरत 17 वाहन चालक अपने वाहनों के संचालन से संबंधित सूचना प्रतिदिन निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक और सफाई निरीक्षक को सौपेंगे। मिश्र ने बताया कि यह प्रस्ताव पहले से ही विचाराधीन था, अब इसे गतिमान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगम में खराब पड़ी पोकलेंड मशीन, डीकंपोज्ड प्लांट, सीवर मशीन और वैक्यूम क्लीनर चालू कर दी गई है। कूड़ा निस्तारण का कार्य प्रभावी ढंग से चलाने के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मियों को विशेष वर्दी उपलब्ध कराई जा रही है।