काशीपुर। कृषि वैज्ञानिकों ने उद्यान मालिकों को बागों के रखरखाव, बीमारियों से बचाव, प्रबंधन और अधिक उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। सरकार की बागवानी मिशन योजना में राजकीय उद्यान एवं प्रजनन केंद्र आलू फार्म में तीन दिनी प्रशिक्षण और गोष्ठी कार्यक्रम शुक्रवार को शुरू हो गया है। प्रशिक्षण में अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के 40 किसान भाग ले रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आलू फार्म स्थित उद्यान एवं प्रजनन केंद्र का भ्रमण कराया। किसानों को उद्यान में आम, लीची, अमरूद की कलम लगी पौध दिखाई और पौधों की कलम लगाने की विधि बताई।
कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में आयोजित गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने उद्यान मालिकों को अच्छी प्रमाणित प्रजातियों के स्वस्थ पौैध लगाने, बागों की उचित देखभाल करने, पौधों व फलों को बीमारियों, कीटों से बचाने उपाय बताए। वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन फलों का बाजार भाव अच्छा रहता है उसके बाग लगाए जाय। सहायक निदेशक उद्यान वाई के मिश्रा ने कहा कि इन दिनों फूलों की खेती लाभदायक हो रही है। ग्लेडियोलस, कारनेशन जरबेरा, लिलियम, गैंदा, गुलाब, गुलदाउदी के फूलों की बाजार में अच्छी मांग है।
मिश्रा ने बताया कि ठंडे वातावरण में पैदा होने वाले फलों में सेब, खुबानी, पूलम, अखरोट, चेरी, नाशपाती फलों का अच्छा उत्पादन होगा है। मिश्रा ने इन फलों के बाग लगाने की वैज्ञानिक विधि बताई। उन्होंने बताया कि अच्छी प्रजातियों की पौध रोग निरोधक होती है। बाग लगाने में भी कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर अच्छी प्रजातियों की पौध लगाई जाए।
अधिक लाभ लेने के लिए बाग में पौधों के बीच में हल्दी, अदरक आदि सह फसली फसल उगाई जा सकती है। गोष्ठी में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. डॉ. गणेश कुमार, डॉ. एनपी सिंह, डॉ. शैलबाला, डॉ. एसके शर्मा, जेष्ठ उप निरीक्षक पीके शर्मा और रामगढ़ नैनीताल के किसान दान सिंह बिष्ट, गणेश दत्त और सल्ट अल्मोड़ा के किसान मदन सिंह भंडारी, गोविंद सिंह रावत आदि थे।