दो साल पहले खटीमा में हुई थी घटना, पॉक्सो न्यायालय ने सुनाई सजा
रुद्रपुर। दो साल पहले घर में खटीमा में दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को पॉक्सो न्यायालय ने 20 साल की कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में मिलेंगे। न्यायालय ने राज्य सरकार को भी क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़िता को चार लाख रुपए देने के निर्देश दिए।
29 नवंबर 2020 को खटीमा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया था कि 28 नवंबर की रात वह एक वैवाहिक समारोह में काम करने गई थी और घर पर उसकी 14 वर्षीय बेटी अकेली थी। रात में वार्ड नंबर पांच इस्लामनगर खटीमा निवासी अब्दुल ने घर में घुसकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी। जब वह समारोह से लौटी तो बेटी ने उसे आपबीती बताई। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर तीन दिसंबर 2020 को अब्दुल को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया था। उसके विरुद्ध पॉस्को न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने नौ गवाह पेश कर अब्दुल पर आरोप सिद्ध कर दिया। इसके बाद पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ ने अब्दुल को विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।