दिनेशपुर आंगनबाड़ी केंद्र से बांटे गए पुष्टाहार के रैपर में बीफ और पोर्क निर्मित खाद्यान्न लगा लेवल छपा होने के मामले में रविवार को प्रशासनिक जांच एसडीएम रुद्रपुर के आंगनबाड़ी में नहीं पहुंचने की वजह से नहीं हो सकी। दो सुपरवाइजरों ने ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली।
शनिवार को दिनेशपुर के एक आंगनबाड़ी केंद्र से बांटे गए पुष्टाहार के रैपर में बीफ और पोर्क निर्मित खाद्यान्न का लेवल छपा होने की जानकारी मिलने से हड़कंप मच गया था। जिस आंगनबाड़ी केंद्र से पुष्टाहार बांटा गया था, वह दिनेशपुर क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में स्थित है। जिस अति कुपोषित बच्चे को बीफ और पोर्क लेवल लगा पैकेट में पुष्टाहार दिया गया उसका नाम शान्तानु अधिकारी है। शांतनु के पिता सुनील काशीपुर के एक किसान के यहां मजदूरी करता है। पुष्टाहार लेने के बाद वह परिवार सहित काशीपुर चला गया। शनिवार को किसी की नजर पैकेट पर छपे अक्षरों पर पड़ गई। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने गंभीर लापरवाही बताते हुए विभागीय अधिकारियों से तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। उधर प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया। रविवार शाम को एसडीएम रुद्रपुर ने मौके पर पहुंचकर जांच करने की बात कही। सूचना पर विभाग की ओर से क्षेत्रीय सुपरवाइजर आशा नेगी और प्रियंका आर्या जगदीशपुर गांव पहुंचीं और आंगनबाड़ी संचालिकाओं से जानकारी ली। इस दौरान पता चला कि केंद्र दो से पुष्टाहार बांटे गए और उसकी संचालिका दयावंती राय है। संचालिका ने बताया कि स्वयंसेवी संस्था जैविक सेल्फ हेल्प ग्रुप बुक्सौरा की ओर से केंद्र में चार जुलाई को पुष्टाहार की सप्लाई दी गई थी। पांच जुलाई को उन्होंने केंद्र के 25 बच्चों के साथ एक अति कुपोषित बच्चे को दलिया, सोयाबीन और पोहा के पैकेट दिए थे। यह भी पता चला की जिस एनजीओ ने सप्लाई दी, वह पूरे ब्लाक में स्थित 311 आंगनबाड़ी केंद्र में से अधिकतर केंद्र को सप्लाई देती है। सुपरवाइजर ने बताया कि सोमवार को विभागीय जांच होगी। इसकी जांच भी गहनता की जायेगी कि एक ही एनजीओ इतन केंद्रों को सप्लाई कैसे दे रहा है।