रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में तहसीलों की जांच पूरी करने के बाद अब एसआईटी एनएचएआई अफसरों की जांच भी जल्द शुरू कर सकती है। जसपुर और काशीपुर तहसील में कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने पर एसआईटी एनएचएआई के खिलाफ जांच के लिए शासन को पत्र भेजने की तैयारी कर रही है। सोमवार तक पत्र भेजे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
तहसीलवार भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को जसपुर तहसील में कुछ ऐसे मामले मिले हैं, जिसमें एनएचएआई अधिकारियों ने अफसरों के साथ मिलकर ऐसी जमीनों पर मुआवजा दे दिया, जिन पर स्कूल, पेट्रोल पंप और फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं और भूमि को एनएच निमार्ण के लिए अधिग्रहीत भी नहीं किया गया।
वहीं, काशीपुर तहसील में एनएचएआई ने ऐसी जमीन का कागजों में अधिग्रहण दिखाया है, जो हाइवे की जद में नहीं है और हाइवे से 100 मीटर दूरी पर होने के बाद भी पत्रावलियों में उनका अधिग्रहण दिखाकर मोटा मुआवजा दिया गया। कुछ मामलों में भूमि का स्थान बदलकर किसानों और अफसरों को मुआवजे का लाभ दिया गया है।
पूछताछ में भू स्वामियों ने भी इस बात की पुष्टि की है। मुआवजे के लिए ही बिचौलियों की ओर से उनकी भूमि का 143 कराया गया। सूत्रों के अनुसार इन सभी साक्ष्यों और किसानों के बयान के आधार पर एसआईटी ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए शासन को पत्र भेजने की तैयारी कर ली है। सोमवार तक एसआईटी शासन को पत्र भेज सकती है।