रुद्रपुर। जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला से हुई ठगी के मामले में व्यापारियों ने स्टाफ कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रमुख अधीक्षक से जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
व्यापारियों ने मंगलवार को पीएमएस डॉ. अमिता उप्रेती को ज्ञापन सौंपा। बताया कि 29 दिसंबर को जिला अस्पताल में आवास विकास निवासी बुजुर्ग महिला शांति देवी को फर्जी चिकित्सक ने बेहोश कर जेवरात लूट लिए थे। उन्होंने कहा कि उस दिन अस्पताल के सीसीटीवी ऑन नहीं था। इस कारण आरोपी की सीसीटीवी कैमरों में फुटेज नहीं मिल सकी। इससे घटना स्टाफ की मिलीभगत की तरह इशारा कर रही है। इसके साथ ही महिला को बेहोश होने के बाद भर्ती कराने के बावजूद शुगर से तबीयत बिगड़ने की बात कही गई थी। व्यापारियों ने मामले में स्टाफ की मिलीभगत की जांच कर आरोप पुष्ट होने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, सुशील गाबा, राजेंद्र निषाद, अरुण चावला, अरविंद, सुभाष राणा, जगदीश, मनोज गुप्ता, राजीव कामरा, सोनू चावला, गुलशन, राजीव शर्मा आदि थे।
डॉक्टर पर इलाज के लिए घूस मांगने का आरोप
रुद्रपुर। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक पर महिला से इलाज के नाम पर 250 रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया है। युवक ने कहा कि इमरजेंसी में सामान्य उपचार के लिए भी ओपीडी की पर्ची काटी गई। मंगलवार को ट्रांजिट निवासी सिडकुल कर्मी राहुल रस्तोगी ने बताया कि सोमवार रात उसकी पत्नी को पेट में दर्द उठा था। वह उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में लाया था। उसने आरोप लगाया कि एक चिकित्सक ने उपचार करने के एवज में उसने रुपये मांगे, लेकिन उसके पास सिर्फ 20 रुपये थे। चिकित्सक ने रुपये लेकर ओपीडी का पर्चा काट लिया था, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार नहीं थी। बाद में उसके गिड़गिड़ाने पर चिकित्सक ने उपचार किया। युवक की मां कहा कि गरीब आदमी सरकारी अस्पताल में सस्ते उपचार की उम्मीद से पहुंचता है, लेकिन यहां भी चिकित्सक उसके साथ लूट से बाज नहीं आते। कांग्रेसी नेता सुशीला गाबा ने मामले की जांच की मांग की। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है।