दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से काशीपुर और बाजपुर के अलग-अलग गांवों में 18 मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि कई मकानों में दरारें पड़ गईं। ग्राम बरखेड़ा पांडे में लोगों के घरों में पानी घुस गया। सूचना पर हल्का लेखपालों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया।
उज्जैन गांव में रहने वाली बबीता पत्नी स्व. महेश का मकान बहल्ला नदी के किनारे है।
शुक्रवार को नदी में आए तेज बहाव से बबीता के मकान का एक कमरा, शौचालय, बाथरूम और दीवार ढहकर नदी में समा गई। वहीं कमरे में रखा टीवी, बर्तन, पानी की टंकी, खाद्य सामग्री, राशन कार्ड आदि भी पानी में समा गए। सूचना पर पहुंचे हल्का लेखपाल नितिन शर्मा ने लेखपाल की रिपोर्ट पर पीड़ित महिला को 54 सौ रुपये का मुआवजा और 38 सौ रुपये की अहेतुक सहायता प्रदान की गई है।
नाले की सफाई न होने और अतिक्रमण न हटाए जाने से ग्राम बरखेड़ा पांडे में जलभराव हो गया। इससे अमर सिंह पुत्र तेजराम का टिनयुक्त मकान और बुद्धा पुत्र पुसे का कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। पानी से दोनों मकानों में रखा सामान भी नष्ट हो गया। ग्राम प्रधान सरफराज अहमद ने बताया कि नाले को अतिक्रमण मुक्त कर सफाई कराने के संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हल्का लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने मौका मुआयना किया।
उधर, ग्राम सरवरखेड़ा में मोहम्मद रफी पुत्र मोहम्मद शाह के मकान की दीवार खिसकने से लिंटर गिर पड़ा। राहत की बात रही कि कोई जख्मी नहीं हुआ। हल्का लेखपाल दौलत राम ने बताया कि लिंटर गिरने से घरेलू सामान भी नष्ट हुआ है। बताया कि पीड़ित परिवार को जल्द ही सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
चौदह मकानों की दीवार धराशायी
बाजपुर। बारिश से क्षेत्र में 14 लोगों के मकानों की दीवारें धराशाई हो गईं। बृहस्पतिवार को रात से हो रही बारिश से शुक्रवार को दोपहर लेवड़ा, गडरी, बौर, चनकपुर नाला सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। गांव चकरपुर में लेवड़ा नदी का कटाव होने से मंदिर सहित आबादी को खतरा उत्पन्न हो गया है।
इटव्वा में बाढ़ का पानी आने से सड़क का कटाव हो गया। गांव बैंतखेड़ी निवासी अमर सिंह के कच्चे मकान की दीवार टूट गई।
वहीं बरहैनी निवासी मुकेश, नत्थू सिंह की झोपड़ी, गांव हरलालपुर निवासी निंरजन सिंह, सुशील देवी, गांव रतनपुरा निवासी चरन सिंह, जसवीर सिंह सुल्तानपुर पट्टी निवासी अब्दुल जफ्फार, गांव खुशालपुर निवासी सरस्वती देवी, गांव बेरिया दौलत निवासी उमेद सिंह, इंद्रसिंह व ओमप्रकाश, गांव महोलीजंगल निवासी राजू, गांव रंपुरा काजी निवासी प्रेम सिंह के मकान की दीवार धराशायी हो गई।
बारिश के चलते गांव बरहैनी के पास हल्द्वानी स्टेट हाइवे पर खैर एक का पेड़ धराशाई हो गया। इधर, ब्लॉक कार्यालय के सामने लेवड़ा नदी की बाढ़ से सड़क पर जलभराव होने से दो कारें फंस गईं, जिन्हें ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। वहीं जीआईसी बरहैनी का मैदान जलमग्न हो गया। इसके अलावा बरहैनी, चकरपुर, बन्नाखेड़ा, बैंतखेड़ी, खंबारी, केलाबंदवारी, गजरौला, इटव्वा, राजीवनगर की कई घर जलमग्न हो गए। इधर एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार केपी सिंह, कानूनगो धन सिंह, भूपेंद्र सिंह ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
दो सौ घरों में घुसा पानी
गदरपुर। वार्ड नंबर नौ में जगत विहार कॉलोनी में पानी की निकासी न होने से करीब दो सौ से अधिक घरों में पानी घुस गया है। कई घरों में चार-चार फुट तक पानी भर गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार जेपी गौड़ व ईओ हरिचरण सिंह ने कॉलोनी का दौरा किया और सफाई कर्मियों को लगाकर पानी की निकासी की व्यवस्था की। लेकिन कोई खास असर नहीं पड़ा। इधर, ठंडी नदी का जलस्तर बढ़ने और बड़ाखेड़ा नहर की पटरी टूटने से क्षेत्र के निचले इलाकों के अलावा पुरानी तहसील के सामने, गूलरभोज रोड, आवास विकास मार्केट, पंजाबी कॉलोनी, गैस एजेंसी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जीआईसी परिसर में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। वार्ड नंबर नौ में रहने वाले सौबरन चंद्रा, हरस्वरूप, निर्मल, जसवंत सिंह, मो. अली, बलवीर सिंह, मोतीराम का कहना है कि तेज बारिश के बाद हर बार उनके घरों में पानी घुस जाता है। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।
घर में मगरमच्छ घुसने से हड़कंप
सितारगंज। नलई गांव में शेर सिंह चौहान के घर बृहस्पतिवार रात करीब 2:30 बजे मगरमच्छ घुस गया। इससे अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने मगरमच्छ को पेड़ से बांधकर काबू किया। शुक्रवार सुबह सूचना पर रंसाली वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ पकड़कर नदी में ले जाकर छोड़ दिया। ब्यूरो
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, जलभराव
रुद्रपुर। शहर में बृहस्पतिवार को हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। शुक्रवार सुबह रुद्रपुर के इंद्रा कालोनी, गाबा चौक, अग्रसेन चौक, बाटा चौक, सिविल लाइन रोड, बालाजी द्वार, ट्रांजिट कैंप समेत कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रिहायशी इलाकों में हुए जलभराव से कई मकानों में पानी जमा हो गया। शुक्रवार को मौसम वैज्ञानिक डॉ आरके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को 41.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अगले चार दिनों तक मध्यम वर्षा होगी।