सितारगंज सहकारी चीनी मिल का करीब चार लाख क्विंटल गन्ना किच्छा, बाजपुर और बहेड़ी (यूपी) चीनी मिलों को भेज दिया गया है। साथ ही सभी केंद्रों पर गन्ने की लगातार तोल भी हो रही है।
करोड़ों के कर्ज से दबी सितारगंज सहकारी चीनी मिल को सरकार ने पिछले वर्ष के आखिर में बंद कर दिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद सितारगंज सहकारी चीनी मिल से जुड़े करीब 15 हजार गन्ना किसानों का लगभग 25 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद पर संकट गहरा गया था। गन्ने की बिक्री को सुचारू करने के लिए चीनी मिल के करीब 38 केंद्रों में से 16 किच्छा और सात बाजपुर मिल को दिए गए थे। साथ ही बहेड़ी (यूपी) स्थित केसर चीनी मिल को एनओसी के बाद 15 केंद्र दिए गए थे। इन तीनों चीनी मिलों में गन्ने की सप्लाई का कार्य तेजी से चल रहा है। गन्ना विकास विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही सितारगंज चीनी मिल से जुड़े गन्ना किसानों का पूरा गन्ना मिलों को भेज दिया जाएगा।