संजिसपुर। संदिग्ध परिस्थितियों में युवक के तेजाब पीने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से फैसले की प्रति लिखवाकर अपने पास रखकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। जबकि वह अपनी पत्नी पर धोखे से तेजाब पिलाने की बात पर अड़ा है और पत्नी ने काशीपुर महिला हेल्प लाईन में भी घरेलू हिंसा की कार्रवाई की है। युवक की हालत बिगड़ने पर उसके भाई ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है।
मोहल्ला पट्टी चौहान निवासी युवक ने पुलिस को दी तहरीर में पत्नी पर आरोप लगाया था कि उसने धोखे से तेजाब पिला कर मारने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल से उसे डॉक्टर ने काशीपुर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। पैसे न होने पर नर्सिंग होम के डॉक्टर ने मामूली दवाएं देकर उसे घर भेज दिया था। सोमवार को जांच कर रहे एसआई अनिल जोशी ने दंपति से कोई कार्रवाई न करने का लिखवाकर घर भेज दिया।
इसके बाद उसकी पत्नी काशीपुर चली गई। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर युवक के भाई ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार कर रहे ईएमओ डॉ. पुनीत चौहान ने बताया कि उसकी जांचें कराई जा रही हैं। वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।
पीड़ित के भाई ने बताया कि उसकी भाभी ने शनिवार रात को घर से भागकर रविवार को काशीपुर महिला हेल्प लाइन में घरेलू हिंसा का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें 15 जून की तारीख लगी है। उसने फिर से सोशल मीडिया पर समाज के लोगों से मदद करने की अपील की है।
पति-पत्नी का महिला हेल्प लाईन में विवाद चल रहा है। दोनों ने अपनी मर्जी से फैसलानामा लिखकर दिया है। तेजाब किसने पिलाया या खुद पीया जांच चल रही है। - अनिल जोशी, एसआई जसपुर।