काशीपुर। बारिश नहीं होने से धान रोपाई के लिए तैयार खेतों में धूल उड़ रही है। किसान सिंचाई के लिए नहरों के पानी और ट्यूबवेलों के पानी पर निर्भर रहता है लेकिन बारिश नहीं होने से तुमाड़िया डाम सूखा पड़ा है। इससे नहरों में पानी नहीं चल रहा है। वहीं गर्मी में जलस्तर गिरने से ट्यूबवेलों से पानी नहीं आ रहा है। कई किसानों ने धान की पौध लगाने के लिए खेतों की जुताई कर ली थी लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने से धान की पौध रोपाई नहीं हो पाई है। नर्सरी में खड़ी पौध भी बिना पानी के सूख गई।
कोट - वर्षा नहीं होने से अधिकतर किसान खेतों की जुताई के बाद भी धान की पौध की रोपाई नहीं कर पाए हैं। तुमड़िया जलाशय सूखने से नहरें भी सूख गई हैं। ट्यूबवेलों का जलस्तर भी गिरा है। - अरुण शर्मा, अध्यक्ष, किसान विकास क्लब
कोट- सिंचाई नहरों में पानी नहीं आने से खेत खाली पड़े हैं। लोग वर्षा के इंतजार में हैं, जिन खेतों में धान की फसल खड़ी होनी थी। वहां धूल उड़ रही है। - स्वामी दयाल कालड़ा, कुंडा
कोट - वर्षा नहीं होने से किसानों की स्थिति खराब है। लेकिन, अब किसानों ने वर्षा होने पर भी धान की रोपाई नहीं करने का मन बना लिया है। अब लगाई गई पौध में उपज कम होगी। - विशाल रावल, लालपुर कालोनी
कोट - वर्षा नहीं होने से सूखे की स्थिति हो गई है। किसान ने पौध की तैयारी पर ही काफी खर्च कर लिया है। वर्षा नहीं होने से खेत खाली पड़े हैं। - रमेश चंद्र सपरा, शिवराजपुर