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निजी अस्पतालों के 15 बाल रोग विशेषज्ञ देंगे कोविड वार्डों में ड्यूटी

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रुद्रपुर सीएमओ कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते सीएमओ डॉ. डीएस पंचपाल। - फोटो : RUDRAPUR
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की तीन हफ्ते बाद कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक की चेतावनी के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। तीसरी लहर के बच्चों को अधिक प्रभावित करने की आशंका और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों के 15 बाल रोग विशेषज्ञों की सेवाएं लेगा। कोरोना संक्रमित बच्चों को भर्ती करने के लिए रुद्रपुर, काशीपुर और खटीमा में तीन कोविड वार्ड बनाए गए हैं।
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सीएमओ कार्यालय में सोमवार को सीएमओ डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना की तीसरी लहर से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लेने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि रुद्रपुर जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित बच्चों को भर्ती करने के लिए 50 बेड का कोविड वार्ड तैयार हो गया है।
इसके साथ ही खटीमा नागरिक अस्पताल में बच्चों के लिए 22 बेड और काशीपुर संयुक्त चिकित्सालय में 10 बेड का कोविड वार्ड तैयार कर लिया है। वर्तमान में जिले के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ सात बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हैं। डॉ. पंचपाल ने कहा कि निजी अस्पतालों के 15 बाल रोग विशेषज्ञों को बच्चों के कोविड वार्डों में ड्यूटी के लिए हायर किया जाएगा। साथ ही 108 एमएलएचपी (मिड लेवल हेल्थकेयर प्रोवाइडर) को भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। जिले के सभी 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर (पीआईसीयू पीडियाट्रिक आईसीयू) बनाने की तैयारी चल रही है।
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जिले में सात लाख बच्चों की सुरक्षा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती
रुद्रपुर। स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में जिले में 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों की संख्या का आंकड़ा करीब सात लाख है। नाबालिगों के लिए अभी वैक्सीन की सुविधा नहीं है। जिस कारण अभिभावक कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आईसीएमआर की चेतावनी के बाद सहमे हुए हैं। यदि समय रहते कोरोना से निपटने की तैयारी नहीं हुई तो जिले में सात लाख बच्चों को कोरोना के संक्रमण से बचाना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती साबित हो सकता है। (संवाद)
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