रुद्रपुर। जिले के राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों पर ऊर्जा निगम का करीब एक करोड़ 59 लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया है। ऊर्जा निगम की ओर से पत्राचार के बावजूद शिक्षा विभाग बजट के अभाव में बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पा रहा है।
इस पर ऊर्जा निगम ने बिल का भुगतान न करने पर जिले में करीब सौ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं। विद्यार्थी गर्मी में पढ़ाई करने को विवश हैं। शिक्षा विभाग ने निदेशालय को पत्र लिखकर बिजली बिल के भुगतान के लिए 1.59 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
जिले के साथ ब्लॉकों के 790 राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब तीन वर्ष का बिजली बिल का भुगतान लटका हुआ है। बजट के अभाव में यह बिल बढ़कर एक करोड़ 43 लाख रुपये और माध्यमिक विद्यालयों का बकाया बिल करीब 16 लाख रुपये पहुंच गया है।
ऊर्जा निगम ने इतने बड़े बकाया बिल को देखते हुए जिले के सौ प्राथमिक और उच्च विद्यालयों की बिजली काट दी है। इधर, अन्य विद्यालयों की बिजली काटे जाने की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशालय से बिजली बिल के भुगतान के लिए 1.59 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
इस संबंध में डीईओ (बेसिक) रवि मेहता ने बताया कि बजट मिलते ही ऊर्जा निगम को बिजली बिल का भुगतान कर दिया जाएगा। उधर, यूपीसीएल के एसई एनएस टोलिया कहते हैं कि मार्च में शिक्षा विभाग ने बकाया बिल का भुगतान किया था, लेकिन वह नाकाफी था। शिक्षा विभाग से जल्द बिल के भुगतान की उम्मीद है।
जसपुर ब्लॉक में सबसे अधिक बकाया
रुद्रपुर। जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सबसे अधिक बिजली बिल का बकाया जसपुर ब्लॉक में है। जसपुर ब्लॉक के विद्यालयों का 39 लाख रुपये बिजली बकाया है। इसके बाद काशीपुर और खटीमा ब्लॉक के विद्यालयों का बकाया क्रमश: 36 लाख और 24 लाख रुपये है।