रुद्रपुर। बहुचर्चित एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय भी शामिल हो सकता है। अभी तक पुलिस विभाग द्वारा गठित एसआईटी टीम घोटाले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के बाद एसआईटी घोटाले में लिप्त लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा भी बढ़ा सकती है। हालांकि एसआईटी को अभी तक प्रवर्तन निदेशालय से इस मामले में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी जहां परत दर परत घोटाले के राज से पर्दा उठा रही है वहीं अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय भी घोटाले की छानबीन में शामिल हो सकता है। प्रवर्तन निदेशालय मनी लांड्रिंग के ऐसे किसी भी मामले की छानबीन कर सकता है, जिसमें काले धन को वैध किया गया हो और मामले में मुकदमा भी दर्ज हो।
भूमि मुआवजा घोटाले में जहां कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर मनी लांड्रिंग का मोटा खेल खेला गया है, वहीं जांच में दोषी पाये जाने पर कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है। इसके साथ ही यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि जांच पूरी होने पर घोटाले में लिप्त लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा भी बढ़ाई जा सकती है।
हालांकि जनपद के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय से किसी तरह का पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि की जा सकती है। इधर, सोमवार को भी एसआईटी ने जसपुर के दो काश्तकारों के साथ ही तीन चकबंदी अधिकारियों अधिकारियों से पूछताछ करने के बाद उनके बयान दर्ज कराये। एसएलओ कार्यालय से भी एसआईटी को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।