राप्रावि महुआखेड़ा गंज का जर्जर विद्यालय।
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काशीपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय महुआखेड़ा गंज में विद्यार्थी सिस्टम की अनदेखी के बीच जोखिम के साये में भविष्य की नींव गढ़ रहे हैं। विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। खतरे को देखते हुए स्कूल के दो कमरों को बंद कर दिया गया है। पांच कमरों में पढ़ाई हो रही है। इनमें से तीन कक्षों की छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है जिससे बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है।
राज्य बनने से पहले विद्यालय का संचालन सात कक्षों में किया जाता था। देखरेख के अभाव में विद्यालय के दो कक्ष बदहाल हो गए। इन कमरों और बरामदों की छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा था। दीवारों पर भी दरारें पड़ गईं थी। इसके बाद इन कमरों को बंद कर दिया गया। बच्चों को सुरक्षा के तहत दूसरे कमरों में बैठाया जा रहा है। हालांकि उनके हालात भी ठीक नहीं हैं। बारिश होने पर इन कमरों की छत से पानी टपकने लगता है। सीलन के कारण तीन कमरों की छतों से प्लास्टर उखड़ने लगा है। बारिश होने पर बच्चों को बरामदें में बैठाया जाता है। विद्यालय में 140 बच्चे अध्ययनरत हैं जिनकी पढ़ाई पांच कमरों में चल रही है। जगह की कमी के कारण विद्यार्थियों को बैठने में परेशानी उठानी पड़ती है।
विद्यालय में सात कक्ष है। इनमें दो कक्ष दुर्घटना से बचाव को लेकर बंद है। तीन कक्षों की छत से बारिश में पानी टपकता है। बच्चों को बरामदे में बैठाना पड़ता है। कक्षों की मरम्मत और भवन निर्माण का के प्रस्ताव कई बार भेजे जा चुके हैं। -राजेंद्र सिंह, प्रधानाध्यापक, राप्रावि महुआखेड़ा गंज
राप्रावि महुआखेड़ा गंज में जर्जर दो कक्ष बंद हैं। विद्यालय से आए प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलने पर भवन की मरम्मत कराई जाएगी। - धीरेंद्र कुमार साहू, खंड शिक्षा अधिकारी, काशीपुर