अपनी दोनों बेटियों के साथ मीनू देवी।
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किच्छा हाईवे पर हुए सड़क हादसे ने जहां एक तरफ मां-बेटी की जिंदगी छीन ली तो वही दूसरी तरफ हादसे ने बाप-बेटी की जिंदगी उजाड़ दी। एक बेटी के सिर से मां का साया उठ गया, बहन का साथ छूट गया। वहीं, पत्नी और बेटी के खोने से बाप पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मूलरूप से मथुरा (यूपी) निवासी मुकेश कुमार पत्नी मीनू देवी (34) और दो बेटी अनिष्का (8) और राधिका (10) के साथ दड़हा फार्म स्थित उत्तरांचल कॉलोनी में रहते हैं। वह एक पेस्टिसाइड्स कंपनी में काम करते हैं। बेटी अनिष्का कक्षा एक और राधिका कक्षा चार में पढ़ती हैं। दोनों ही बेटियां पढ़ाई में काफी होनहार थीं।
शनिवार को मीनू दोनों बेटियों के साथ उनकी पढ़ाई की प्रगति पर चर्चा करने के लिए पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में शामिल होने के लिए विद्यालय जा रही थीं। तभी रास्ते में हुए सड़क हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई जबकि छिटककर दूर गिरने से राधिका बाल-बाल बच गई।
हादसे में मां और छोटी बहन को खोने वाली राधिका उस घटना की इकलौती चश्मदीद है। जिस मां के साथ वह स्कूल जाने के लिए निकली थी, उस मां को उसने हमेशा के लिए खो दिया। जिस छोटी बहन के साथ वह घर से हंसते-मुस्कुराते निकली थी, अब उसका साथ भी छूट गया है। हादसे के बाद राधिका का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में सुबह तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, अब वहां मातम पसरा है।