रुद्रपुर। शिक्षा विभाग ने पहली अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र से पहले ही निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में ब्लॉकवार गठित शिक्षा विभाग की 14 टीमों ने 46 स्कूलों में छापा मारा। टीम ने कई स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर, किताबों की सूची समेत अन्य अभिलेख एकत्र किए। इस दौरान स्कूलों में बच्चे तो नहीं मिले पर विद्यालय संचालकों को चेतावनी अवश्य दी गई कि मनमानी की शिकायतें मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नया सत्र शुरू होने पर अक्सर अभिभावकों की शिकायत होती हैं कि निजी स्कूलों में निजी पब्लिकेशन की महंगी किताबें लगाई जाती हैं। इसके साथ ही ड्रेस बदलने, फीस वृद्धि किए जाने की शिकायतें भी आती हैं, लेकिन सीबीएसई और आईसीएसई के इन स्कूलों के आगे शिक्षा विभाग भी बेबस नजर आता है। इस बार शिक्षा विभाग ने सत्र शुरू होने से पहले से ही स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को रुद्रपुर, गदरपुर, काशीपुर, बाजपुर, जसपुर, खटीमा और सितारगंज में सीईओ केएस रावत के नेतृत्व में विभाग की 14 टीमों ने कुल 46 निजी स्कूलों पर छापा मारा। स्कूलों में छुट्टी के चलते बच्चे तो नहीं मिले पर फीस स्ट्रक्चर और स्कूल में कौन से पब्लिकेशन की किताबें लगाई गई हैं समेत कई बिंदुओं पर ब्योरा एकत्र जरूर किया।
टीम में शामिल अधिकारियों ने स्कूल संचालकों को चेतावनी दी कि अगर महंगी किताबें लगाने या फीस बढ़ाने आदि की शिकायत मिली तो स्कूल के विरुद्ध विभाग कार्रवाई करेगा। सिर्फ एनसीईआरटी की ही किताबें चलेंगी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। निर्देश दिए गए कि गर्मी के दिनों में स्कूलों में पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। कक्षा कक्षों में पंखे की भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। टीम में डीईओ हरेंद्र कुमार मिश्र, बीईओ रुद्रपुर सावेद आलम आदि शामिल रहे। संवाद