काशीपुर। कृषि विभाग द्वारा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक किसानों के किसी काम नहीं आ रही है। करीब 90 क्विंटल सल्फर मोनो जिंक पत्थर जैसी मजबूत हो चुकी है। किसानों की सूचना पर जब ब्लॉक प्रमुख ने निरीक्षण किया तो खामियां सामने आई। हालांकि जिस राष्ट्रीय कृषि निवेश बिक्री केंद्र में यह खाद आई हैं। वहां के ब्लॉक प्रभारी ने पूर्व में ही इसकी सूचना लिखित रूप से जिले के अधिकारियों को दे दी है।
बता दें इस समय किसान धान बो रहे हैं। धान की फसल में सल्फर मोनो जिंक उर्वरक डाला जाता है। कृषि विभाग द्वारा यह उर्वरक किसानों को वितरित करने के लिए भेजा गया है। राष्ट्रीय कृषि निवेश बिक्री केंद्र खड़कपुर देवीपुरा में करीब 90 क्विंटल सल्फर मोनो जिंक गोदाम में रखी है। शनिवार को ब्लॉक प्रमुख गुरमुख सिंह ने केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान पांच-पांच किलो के उर्वरक से भरे कट्टे पत्थर जैसे हो गए थे। ब्लॉक प्रमुख सिंह ने बताया कि सल्फर मोनो जिंक पाउडर जैसी होती है। लेकिन केंद्र में जो उर्वरक रखी है वह पत्थर हो गई है। यह किसानो के किसी काम की नहीं है। ब्लॉक प्रभारी राम सिंह ने बताया कि करीब 90 क्विंटल उर्वरक के कट्टे केंद्र में रखे गए हैं।
पांच किलो के एक कट्टे का मूल्य 190 रुपये है। बताया कि 12 फरवरी को रुद्रपुर से उर्वरक आई थी। उन्होंने बताया कि उर्वरक के खराब निकलने की सूचना उन्होंने पहले ही लिखित रूप से जिले के कृषि अधिकारियों को दे दी है। ब्लॉक प्रमुख गुरमुख सिंह ने कहा कि किसानों की लगातार शिकायतें आने के बाद उन्होंने केंद्र का निरीक्षण किया है। इस संबंध में वह डीएम को अवगत कराएंगे और कृषि मंत्री से भी वार्ता करेंगे।