काशीपुर में आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे डीआईआर और मीसा बंदियों ने लोकतंत्र सेनानी का दर्जा देने की मांग की है। धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री कृष्ण कुमार अग्रवाल एडवोकेट ने प्रधानमंत्री को इसके लिए ज्ञापन भेजा। बताया कि 1975 में आपातकाल घोषित किया गया था। तब सरकार ने आंदोलनकारियों को मीसा और डीआईआर के तहत जेलों में बंद किया था। उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों में मीसा और डीआईआर बंदियों को लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया जा चुका है। नैनीताल से भी 200 से अधिक स्वयंसेवी जेलों में बंद रहे थे। लोकतंत्र प्रहरियों को 16 हजार रुपये मासिक अनुग्रह राशि, निशुल्क यात्रा और स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। लेकिन उत्तराखंड सरकार इस मुद्दे पर खामोश है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मांग पर हस्तक्षेप की मांग की।