एनएच-125 के नवनिर्मित बाईपास पर पूर्णागिरि मां के दर्शन कर लौट रही वैन की रफ्तार करीब 120 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है। तेज रफ्तार ने पल भर में पांच जिंदगी छीन लीं और पांच लोग अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। धार्मिक नगरी नानकमत्ता साहिब के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा हादसा हुआ है। हादसे के बाद चालक के क्षत-विक्षत शवों को देख लोगों के दिल भी दहल गए।
मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को क्या पता था कि घर पहुंचने की जल्दी में उनकी जिंदगी ही छिन जाएगी। सुंदरनगर गांव के पास हादसे के दौरान वैन की रफ्तार करीब 120 किमी प्रति घंटा थी और चालक परविंदर उर्फ सोनू को झपकी आ गई। दोनों वाहनों की भिड़ंत की आवाज से सुंदरनगर गांव गूंज गया। कार की रफ्तार ने किसी को चीखने चिल्लाने का भी मौका तक नहीं दिया। टक्कर की आवाज सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुंचते चार लोग दम तोड़ चुके थे और एक घायल ने खटीमा के नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे से पहले अब तक क्षेत्र में बड़ा हादसा करीब चार वर्ष पहले नानक सागार बैराज से नीचे तटबंध पर बस गिरने का हुआ था। तब हादसे में दर्जनों यात्री घायल हुए थे, लेकिन मौत सिर्फ एक की हुई थी। इसके बाद एक हादसा बीते वर्ष अक्तूबर में हुआ था, जिसमें दो लोगों ने जान गंवाई थी। इन हादसों के बाद अब तीर्थ यात्रियों की वैन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दो महिलाओं, एक बच्ची समेत पांच की मौत ने क्षेत्रवासियों को हिलाकर रख दिया।
हाइवे निर्माण के बाद से हादसों में इजाफा
नानकमत्ता। हाइवे निर्माण के बाद क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। जनवरी से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और गंभीर रूप से घायल होने वालों संख्या दर्जनों में है। सड़क पर वाहनों के तेज रफ्तार से दौड़ने के कारण जनवरी से 10 मई तक पांच हादसों में छह लोगों जान गवां चुके थे। अब 14 मई को भीषण हादसे ने पांच लोगों की जान चली गई।