अस्पताल भवन के गिरने का खतरा
काशीपुर। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में कभी नगर का सबसे भव्य अस्पताल भवन बना था लेकिन वर्षों से रखरखाव के अभाव में अस्पताल भवन जीर्णशीर्ण हो चुका है। यह कभी भी गिर सकता है, जिससे अस्पताल के स्टाफ समेत यहां आने वाले रोगियों में भी दहशत है। यूपी का मुख्यमंत्री रहते नारायण दत्त तिवारी ने करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि में तीन मंजिला भवन बनवाकर सीतापुर आई ट्रस्ट को सौंपा था। तब यह भवन सबसे आधुनिक था। इसके बाद सीतापुर आई अस्पताल ट्रस्ट ने भवन के रखरखाव, रंगरोगन पर कोई खर्च नहीं किया। इससे भवन की छत जीर्णशीर्ण होे गई है। दीवारों का प्लास्तर उखड़ गया है। दरवाजे खिड़कियां गल गई हैं। मामूली बारिश में भी अस्पताल जलमग्न हो रहा है। चहारदीवारी गिर चुकी है। लोग अतिक्रमण के प्रयास में हैं। अस्पताल में योग्य डॉक्टर तैनात हैं। वहां आधुनिक उपकरण भी हैं। इस कारण रोजाना कई मरीज आते हैं लेकिन भवन की दुर्दशा देख गिरने की आशंका से लोग अंदर जाने में डरते है। लोग कूड़ा परिसर में डाल देते हैं। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने अस्पताल भवन की मरम्मत कराने के लिए सभी मुख्य मंत्रियों से गुहार लगा चुके हैं। किसी ने भी मदद नहीं की। विधायक चीमा ने भी अपनी विधायक निधि से अस्पताल को मदद नहीं दी। चीमा की मांग पर सरकार ने सीएमओ से अस्पताल की मरम्मत का प्रस्ताव मांगा। सीएमओं ने एक करोड़ का प्रस्ताव भेजा। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इसे अधिक रकम बताकर जनवरी 2017 में सात लाख रुपये भेजे लेकिन सीएमओ ने रकम कम बता कर लेने से इंकार कर दिया।
सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में दुर्घटना की आशंका, प्रशासन मौन
काशीपुर। सीतापुर आई अस्पताल चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. एके सारस्वत ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड ने मार्च 2017 में उनको सूचित किया था कि चिकित्सालय भवन की मरम्मत को 20 लाख रुपये का प्रस्ताव सीएमओ के माध्यम से भेजा गया है। सीएमओ ने राशि मिलने से इंकार कर दिया जबकि निदेशालय 20 लाख रुपये भेज चुका है। इस राशि का पता लगाया जा रहा है।
ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति कमजोर
काशीपुर। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. एके सारस्वत ने बताया कि चिकित्सालय भवन में दुर्घटना की आशंका है। वह इस बारे में सीतापुर आई अस्पताल ट्रस्ट को कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन ट्रस्ट अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर बता रहा है।