काशीपुर। किसान विकास क्लब की बैठक में किसानों ने बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल पर बकाया 27 करोड़ का भुगतान अभी तक नहीं मिलने पर चिंता जताई है। मुख्य अतिथि जसपुर के विधायक आदेश चौहान ने कहा कि किसानों ने गन्ना सहकारी समिति को गन्ना दिया है। उससे भुगतान लेना है तो गन्ना सहकारी समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना होगा।
शुक्रवार को नवीन अनाज मंडी विश्रामगृह में संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा की अध्यक्षता में क्लब की बैठक हुई, जिसमें किसानों ने विधायक के सामने बंद हो चुकी काशीपुर शुगर मिल पर वर्ष 2007-08 से बकाया 27 करोड़ का भुगतान नहीं मिलने, कई छोटी सड़कों का निर्माण कराने, पश्चिमी फीडर को सड़क किनारे से गुजर रही बिजली लाइन के तारों को बंच केबिल में बदलने, बंदरों के नुक्सान से बचाव की समस्याएं रखी। विधायक चौहान ने कहा कि काशीपुर चीनी मिल तो बंद हो चुकी है। गन्ना समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का सुझाव देकर कहा कि बिना अदालत गए रुपए मिलने की उम्मीद नहीं है। अरुण शर्मा ने कहा कि बिजली की लाइन सड़क किनारे पेड़ों के बराबर से गुजर रही है। हवा चलने पर पेड़ की टहनियां तारों से टकराती है, जिससे लाइन बंद हो जाती है। इसके लिए साधारण तारों के स्थान पर बंच केबल लगाई जाए। कोई बंदरों को छोड़ गया है जो फसलों का काफी नुक्शान कर रहे हैं। विधायक ने अन्य सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है। वैज्ञानिक पुष्पेन्द्र चौधरी ने धान की सीधी बुआई करने का सुझाव देकर कहा कि सीड्स से भी धान की बुआई हो सकती है, इससे पौध लगाने के खर्चे की बचत हो जाएगी। उत्पादन में भी कोई कमी नहीं आएगी। धान के पकने की अवधि भी कम हो जाएगी। अधिक सिंचाई की भी जरुरत नहीं होगी। इससे पहले किसानों ने विधायक चौहान का जोरदार स्वागत किया है। संचालन मयंक गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार, टीका सिंह सैनी, हरी प्रकाश शर्मा, विक्रांत चौधरी, जाकिर सिंह, राजवीर मिश्रा, जसपाल सिंह राणा, डॉ.अशोक अरोरा, स्वामी दयाल कालड़ा, चौधरी सतपाल सिंह, मयंक गुप्ता आदि थे।