टनकपुर से लुधियाना जा रही बस को परिवहन विभाग ने पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। लुधियाना जा रही एक निजी बस के अंदर के नजारे को देखकर परिवहन अधिकारियों के भी होश उड़ गए। 50 की क्षमता वाली बस में 110 सवारियों को ठूंस रखा था। क्षमता से अधिक सवारियां मिलने पर एआरटीओ हल्द्वानी जितेंद्र कुमार ने बस का 1.07 लाख का चालान किया। साथ ही परमिट निरस्त करने और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई।
शनिवार रात जगदंबा ट्रेवल्स की निजी बस टनकपुर से लुधियाना जा रही थी। किच्छा में सूरजमल कॉलेज के पास परिवहन विभाग की टीम ने बस को चेकिंग के लिए रोक लिया। जांच के दौरान बस में 110 यात्री सवार मिले जबकि बस की निर्धारित क्षमता महज 50 यात्रियों की थी। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि सफर शुरू होने के दौरान ही बस में अधिक यात्री थे। रास्ते में लगातार सवारियां चढ़ाने के बाद स्थिति और बदतर हो गई।
महिलाओं और बच्चों को भी भीड़ के बीच काफी परेशानी उठानी पड़ी। विरोध करने पर कथित तौर पर संचालकों ने कहा कि इसी तरह यात्रा करनी है तो करें वरना रास्ते में उतार दिया जाएगा। यात्रियों ने मनमाना किराया वसूलने का भी आरोप लगाया। कार्रवाई के बाद सभी यात्रियों को रात में रुद्रपुर बस स्टेशन लाया गया।
रोडवेज ने संभाली जिम्मेदारी
रविवार सुबह एआरएम मधुसूदन मिश्रा के सहयोग से रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। यात्रियों को रुद्रपुर से बसों के जरिये लुधियाना रवाना किया गया। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों ने क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाली निजी बसों पर सख्ती की मांग की। उनका कहना है कि चंद रुपये के लालच में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
कोट
क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाली निजी बस के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। विभाग की कार्रवाई जरूरी और सराहनीय है। - मधुसूदन मिश्रा, एआरएम