काशीपुर। प्रदीप थापा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और केस दर्ज करने की मांग के लिए परिजनों का शव हाईवे पर रखकर प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और हाईवे जाम करने के आरोप में तीन महिला समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रामनगर रोड स्थित धनौरी पट्टी प्रतापपुर निवासी स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाने वाले प्रदीप थापा का शव 5 जुलाई की सुबह प्रतापपुर गोशाला मोड़ के निकट मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण पानी में डूबना बताया गया। इससे परिजन और लोग भड़क गए। सोनू उर्फ अमरजीत सिंह के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करने की मांग पर परिजनों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया था। मामले में एसआई मनोज जोशी की तहरीर पर तीन महिला समेत 11 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और हाईवे जाम करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में अन्नू उर्फ त्रिलोक भट्ट, राजेश, करन, गीता, रीमा, विनोद, विमला देवी, रोहित, गौतम, सूरज थापा निवासीगण ग्राम धनौरी पट्टी प्रतापपुर व पवन निवासी ग्राम ललितपुर पीरुमदारा को नामजद किया गया है।
कोट
मामले की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों ने अमरजीत सिंह व दो अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। हाईवे जाम करने वाले 11 आरोपियों को जल्द नोटिस भेजा जाएगा।
मनोज रतूड़ी, कोतवाली प्रभारी काशीपुर।