नरेंद्रनगर (टिहरी)। नौकरी की तलाश करने के बजाय युवा रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए नवाचार, नेतृत्व क्षमता, जोखिम उठाने की सोच और बेहतर व्यवसाय योजना जरूरी है।
यह बात देवभूमि उद्यमिता योजना के जिला समन्वयक दिग्विजय सजवाण ने धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में आयोजित उद्यमिता उन्मुखीकरण एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कही। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने के लिए स्थानीय संसाधनों और नए विचारों को व्यवसाय से जोड़ने की जरूरत है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उद्यमिता के प्रति रुचि और क्षमता का आकलन भी किया गया। इसमें आफिया, हिमांशी और आशीष पुंडीर ने उत्कृष्ट स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के समन्वयक नोडल अधिकारी डॉ. संजय महर ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के बारे में जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ. विजय नेगी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते है। इस मौके पर डॉ. आशा डोभाल, डॉ़ सोनी तिलारा, शिशुपाल, अजय, विशाल, आयुषी आदि मौजूद रहे।