सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण पर सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेस, नियोजक विभाग और यूएनडीपी की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सतत विकास के 17 लक्ष्य पारित किया है। उत्तराखंड में राज्य स्तर पर सतत विकास के लिए 169 उपलक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें 2030 तक पूरा करने के लिए 10 वर्षीय विजन तैयार किया जा रहा है।
पीजी कॉलेज नई टिहरी में आयोजित कार्यशाला का बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के जिला उपाध्यक्ष दिनेश डोभाल ने समापन करते हुए कहा कि सतत विकास की अवधारणा में शामिल लक्ष्य पीएम मोदी के सबका साथ सबका विकास सिद्धांत पर आधारित है। विशेषज्ञ डा. अनिल डिमरी ने आजीविका, डा. अजीत गैरोला ह्यूमेन डवलपमेंट, जीडी भट्ट ने सोशल डवलपमेंट, डा. शंकर दत्त ने जलवायु परिवर्तन पर व्याख्यान दिया। विशेषज्ञ करुणाकर सिंह और आशीष विक्रम ने कहा कि 10 साल के विजन में सभी बिंदुओं को हासिल किए जाने से सभी वर्गों का संपूर्ण विकास होगा। इस मौके पर डीडीओ आनंद सिंह भाकुनी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुरारी लाल खंडवाल, सीईओ एसपी सेमवाल, अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल शाह, उद्यान अधिकारी डीके तिवारी, पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव, युवा कल्याण अधिकारी डा. मुकेश डिमरी, जिला सेवायोजन अधिकारी विक्रम, कार्यक्रम अधिकारी संदीप अरोड़ा, बीडीओ सुंदर सिंह नेगी, डिप्टी सीएमओ डा. मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।