लोन की धनराशि और ब्याज जमा न करने पर सुनारगांव की 16 महिलाओं को जिला सहकारी बैंक की ओर से नोटिस जारी होने पर महिलाए भड़क उठी।
महिलाओं ने बैंक के शाखा प्रबंधक का घेराव कर बैंक की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। महिलाओं ने कहा कि वे किसी भी दशा में ब्याज की धनराशि जमा नहीं करेंगे। बैंक शाखा प्रबंधक के वेतन से ब्याज की धनराशि काटी जाए।
सुनार गांव की 16 महिलाओं ने स्वयं सहायता समुह बनाकर 26 मार्च 2012 को दुधारू पशु क्रय करने और मोमबत्ती बनाने के लिए जिला सहकारी बैंक कंडीसौड़ में 4 लाख ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। महिलाओं से 100-100 रू. लेकर बैंक ने बैंक खाता खोला था। बैंक ने उसी तिथि में ऋण स्वीकृत कर धनराशि महिलाओं के बैंक खाते में डाल दी। लेकिन ऋण स्वीकृत होने की जानकारी सबंधित खाताधारकों को नहीं दी।
तब से उक्त धनराशि बैंक खातों में डंप पड़ी हुई है। बीते 5 नवंबर को बैंक के शाखा प्रबंधक की ओर से महिलाओं को 10 हजार 5 सौ रूपये ब्याज जमा करने का नोटिस जारी किया गया। नोटिस देखकर महिलाए भड़क उठी। मंगलवार को महिलाए बैंक पहुंची और शाखा प्रबंधक रमेश पुरी का घेराव किया।
महिलाओं ने कहा कि उन्हें ऋण स्वीकृत होने की जानकारी पिछले तीन वर्षो में क्यों नहीं दी गई। वे ब्याज की धनराशि जमा नहीं करेंगे। मौके पर पहुंचे बैंक संचालक मंडल के सदस्य सुमन बिष्ट ने आक्रोशित महिलाओं को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को बैंक बोर्ड बैठक में उठाएगे।
तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। घेराव करने वालों में सुंदरी देवी, शकुंतला देवी, बबिता देवी, बासु देवी, पूर्णिमा देवी, कौशला देवी, संगीता देवी, विमला, शीला व अनिता आदि शामिल थे।