प्रतापनगर को जोडने के लिए बनने वाले चांठी-डोबरा पुल के विंड टनल टेस्टिंग में पास हो गई है। दक्षिण कोरिया के सिओल में कंसलटेंट कंपनी यूसिन के विशेषज्ञों ने लोनिवि के अधिकारियों के सामने पुल पर पड़ने वाले हवा के दबाव के संबंध में जानकारी दी।
कोरिया गए लोनिवि के अधिकारी विंड टनल के टेस्ट से संतुष्ट नजर आर रहे हैं। साथ ही दावा कर रहे हैं कि अब पुल निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। कई वर्षो से अधूरे पड़े चांठी-डोबरा पुल के डिजायन तैयार करने को लेकर नियुक्त कोरिया के कसंलटेंट यूसिन इंजीनियरिंग कंपनी ने पुल के फाइनल डिजायन को को लेकर कसरत तेज कर दी है।
कंपनी ने पुल के डिजायन का प्रस्तुतिकरण मई में सरकार के सामने रखा था। जिसको सरकार ने कुछ सुधारों के साथ अगस्त तक उपलब्ध करवाने को कहा था।
इसी को लेकर पुल का काम देख रहे लोनिवि के अधीक्षण अभियंता एसके रॉय और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता केएस असवाल को सात जुलाई को बनाए जाने वाले फाइनल डिजायन के विंड टनल टेस्टिंग के लिए दक्षिण कोरिया ले गई थी। जहां पर सात से 10 तक दोनों इंजीनियरों को पुल पड़ने वाले हवा के दबाव से लेकर अन्य जानकारी सिओल यूनिवर्सिटी की प्रोफसरों, एक्सपर्टस् की देखरेख में मेजर टेस्टिंग और लैब के माध्यम से दी।
अब कुछ माइनर टेस्टिंग होने के बाद 15 अगस्त तक कंपनी डिजायन दे देगी जिसके उपरांत निर्माण् कार्य शुरू हो जाएगा। कोरिया से लौटकर आए लोनिवि के एसई राय ने बताया कि यूसिन इंजीनियरिंग बहुत की अनुभवी कंपनी हैं, जिसने वहां कई बड़े-बड़े पुल बनाए हैं।
उन्होंने बताया कंपनी ने दक्षिण कोरिया में समुद्र के ऊपर डेढ़ से दो किमी लंबे पुल बनाए हैं। बताया कि डिजायन आने के बाद यूसीन इंजीनियरिंग के विदेशी इंजीनियर की देखरेख में पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।