शिक्षा एवं पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिलों को तीन-तीन करोड़ की धनराशि जारी की गई है। उन्होंने कोश्यारताल, हेंवलघाटी और नरेंद्रनगर पंपिंग पेयजल योजना पर बिजली के कनेक्शन लेकर पेयजल वितरण शुरू करवाने, गजा, नरेंद्रनगर में हैंडपंप लगाने, सकलाना में खच्चरों से पेयजल आपूर्ति शुरू करवाने को कहा।
रविवार को पेयजल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुए मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि सूखे को देखते हुए सरकार ने जलापूर्ति के लिए धन की व्यवस्था की है। उन्होंने कोश्यारताल, लक्ष्मोली, हेंवलघाटी और नरेंद्रनगर पंपिंग योजना के लिए विद्युत लाइन लगाकर संयोजन के निर्देश दिए। जल संस्थान के ईई नमित रमोला ने बताया कि जिले में 251 गांव सूखाग्रस्त हैं। जाखणीधार में सबसे ज्यादा समस्या है। जिले में 20 टैंकरों से 82 गांवों में जलापूर्ति हो रही है, जबकि नई टिहरी, देवप्रयाग, घनसाली, नरेंद्रनगर में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। मंत्री ने घनसाली में पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाने, सकलाना क्षेत्र में खच्चरों से आपूर्ति कराएं। नई टिहरी में विस्थापितों को छोड़कर सभी से पेयजल और सीवर सीट शुल्क लिया जाएगा।
सीईओ दिनेश गौड़ ने बताया कि भिलंगना में चार स्कूल शिक्षक विहीन हैं, जबकि प्रतापनगर में दो जूनियर हाईस्कूलों में अध्यापक नहीं है। 22 स्कूलों में कक्ष-कक्षा निर्माण कार्य जिला योजना से चल रहा है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट, ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला, महावीर उनियाल, टीकम चौहान, खुशी लाल, खेम सिंह चौहान, देवेंद्र नौडियाल, एसई बीसी पुरोहित, ईई नमित रमोला, एसपी सेमवाल, अमर ज्योति डोबरियाल, आलोक कुमार, शक्ति प्रसाद, डीईओ बेसिक अशोक गुसाईं, परियोजना प्रबंधक स्वजल सुनील जोशी आदि मौजूद थे।