लगातार हो रही बारिश से 42 वर्ग किलोमीटर में फैली झील का जलस्तर बढ़ा।
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बारिश शुरू होने से टिहरी बांध की झील का जलस्तर भी करीब नौ मीटर बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में टीएचडीसी और अधिक विद्युत उत्पादन कर सकती है। जलस्तर आरएल 750.20 मीटर पहुंच गया है।
टिहरी बांध झील का जलस्तर गर्मी के मौसम में काफी कम हो जाता है, जिससे टीएचडीसी को विद्युत उत्पादन में दिक्कतें उठानी पड़ती है। जुलाई से शुरू हुई बारिश से जलस्तर नौ मीटर बढ़ गया है। जून अंत तक झील का जलस्तर आरएल 741 मीटर तक पहुंच गया था। बावजूद अब धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को जलस्तर आरएल 750.20 मीटर पहुंच गया है। भागीरथी नदी से 392, भिलंगना से 149 और सहायक गाड, गदेरों से 108 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है, जबकि झील से शाम पांच बजे तक करीब 179 क्यूमेक्स पानी नदी के ओर छोड़ा जा रहा है। अब जलस्तर बढ़ने से आने वाले दिनों में टीएचडीसी से विद्युत उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे। वहीं लंबे समय से विस्थापन न होने के कारण खतरे की जद में रहे बांध प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। झील क्षेत्र के आसपास करीब 415 परिवारों को पुनर्वास के लिए चिह्नित किया है। बावजूद वर्षों से पुनर्वास को जमीन नहीं मिलने से प्रभावितों का पुनर्वास नहीं हो पाया है। वर्तमान में पांच मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। सरकार ने टीएचडीसी को झील का जलस्तर आरएल 830 मीटर भरने की अनुमति दे रखी है।