ग्रामीणों ने प्रशासन से कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में न बदलने की उठाई मांग
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के बंगसील,मोलधार,तेवा,बुरकोट,औंतड़,ठिक्क के ग्रामीणों ने मोलधार में बैठक बाहरी लोगों को अपनी पैत्रिक जमीन न बेचने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों की कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में न बदलने की मांग भी उठाई।
ग्राम पंचायत मोलधार के प्रधान गजेंद्र रतूड़ी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में ग्रामीणों ने क्षेत्र में जमीनों की बढ़ती खरीद फरोख्त पर चिंता जताई। प्रधान रतूड़ी ने कहा कि बाहरी लोग कुछ स्थानीय लोगों की मद्द से ग्रामीणों की जमीनें औने-पौने दामों में खरीद कर होटल, कॉटेज आदि का निर्माण कर रहें। जिससे गांव और क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। साथ ही गांव के जलस्रोत सहित अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। गांवों के पास ही क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवलासारी है। जमीनें खरीदने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर कृषि भूमि पर बड़े-बड़े आलीशान होटल, काॅटेज, रेस्टोरेंट का निर्माण किया जा रहा है। बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के गांव की पेयजल लाइनों से जबरन पानी के कनेक्शन लिए जा रहे हैं, जिससे गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बाहरी लोगों को जमीनें न बेचने की अपील की है। इस मौके पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कोली, क्षेत्र पंचायत सदस्य केसर सिंह,प्रधान प्रियंका,गीता,ममीता,नीलम, नरेंद्र सिंह, सुमित भट्ट,अरुण,महेश,जगदंबा दास,अनीष कुमार,नवीन नौटियाल,विकास आदि मौजूद थे।