रमोला गांव के लोगोें ने देवल-भेलुंता मोटर मार्ग से क्षतिग्रस्त खेतों, रास्तों और पेड़ों का मुआवजा न मिलने पर शुक्रवार को जाम लगा दिया। उन्होंने पीएमजीएसवाई के खिलाफ दो घंटे तक तलवाडी नामे तोक पर प्रदर्शन किया। थानाध्यक्ष जेपी कोहली के आश्वासन पर बाद में लोगों ने जाम खोला।
चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे 29 दिसंबर से अनिश्तिचकालीन जाम लगाने को बाध्य होंगे।
ओण पट्टी के रमोलगांव के लोग पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जुलूस-प्रदर्शन करते हुए तलवाडी नामे तोक पर पहुंचे। प्रात: 10 बजे वे सड़क पर धरने पर बैठ गए।
रमोलगांव के लोगों का कहना था कि वर्ष 2009 में देवल-भेलुंता मोटर मार्ग निर्माण से उनके खेतों को भारी नुकसान पहुंचा था। सड़क के मलबे से रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई पेड़ सड़क निर्माण की भेंट चढ़ गए थे। तब से वे क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के भुगतान को लेकर पीएमजीएसवाई के चक्कर काटते आ रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारी आज या कल भुगतान होने की बात कहकर उन्हें गुमराह करते आ रहे हैं।
जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष कोहली मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वे भुगतान के लिए पहल करेंगे। दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ कि 28 दिसंबर को इस मामले में एक शिष्टमंडल एसडीएम प्रतापनगर से मिलेगा। यदि वार्ता सफल नहीं हुई तो वे 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन चक्का जाम करेंगे। आश्वासन पर ग्रामीणों ने अपराह्न 12 बजे जाम खोला। जाम लगाने वालों में अब्बल चंद रमोला, लक्ष्मीचंद रमोला, भगवान चंद, रोशनचंद, कैलाशचंद आदि शामिल थे।