नई टिहरी। चंबा-मसूरी फलपट्टी क्षेत्र में खुरेत-काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जुड़े ग्रामीणों ने योजना का पानी आराकोट शिफ्ट करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जल निगम-जल संस्थान को आराकोट गांव को खुरेत के बजाए सुरकंडा पंपिंग योजना से जोड़ना चाहिए। डीएम ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद दोनों विभागों को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे खुरेत-काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जुड़े ग्राम सौड़ सहित पांच गांव के लोगों ने बताया कि खुरेत योजना वर्षों से उनकी प्यास बुझा रही है। अन्य गांव की तरह इन पांच गांवों को भी सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना से जोड़ने के बाद अब जल निगम-जल संस्थान खुरेत-काणाताल पेयजल योजना की पेयजल सप्लाई पहले से जुड़े पांच गांवों से हटाकर ग्राम आराकोट को देने का प्रयास कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुरकंडा पंपिंग योजना से कई दिनों बाद बहुत कम पानी मिल रहा है। ऐसी स्थिति में उनके गांवों से खुरेत योजना को शिफ्ट किया जाता है, तो उन्हें हमेशा पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि खुरेत पंपिंग योजना का पानी सौड़ के पांच गांवों से हटाकर जबरन दूसरे गांव को देने का प्रयास किया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों ने डीएम को अपनी समस्या बताते हुए पांच गावों के लिए खुरेत पंपिंग योजना का पानी यथावत रखने की गुहार लगाई है। डीएम मयूर दीक्षित ने ग्रामीणों की समस्या सुनते हुए जल निगम-जल संस्थान को ग्रामीणों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर जल संस्थान के ईई प्रशांत भारद्धाज, जल निगम चंबा के ईई केएन सेमवाल,गांव के मनमोहन सिंह नेगी, कासिम, खुशपाल, राजेंद्र डबराल, रवि सकलानी शामिल थे।