टनल में हैवी ब्लास्टिंग करने का लगाया आरोप, मकान हुए जर्ज, रहना हुआ मुश्किल
मकान का मुआवजा, विस्थापन और प्रभावितों को नौकरी देने की मांग
नरेंद्रनगर (टिहरी)। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की टनल निर्माण में हैवी ब्लास्टिंग करने से बल्दियानखान गांव के ग्रामीणों के मकान जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं जिससे ग्रामीण पिछले तीन सालों से खासे परेशान हैं। मकानों का मुआवजा और नौकरी देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने परियोजना कैंप कार्यालय परिसर गूलर में प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने कहा कि मांगों पर जल्द कार्यवाही नहीं की जाती है तो कंपनी के खिलाफ बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बल्दियाखान गांव के ग्रामीणों के लिए निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना बड़े खतरे का कारण बनती जा रही है। टनल की खोदाई के लिए कंपनी की ओर से हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है जिससे ऊपर बसे बल्दियाखान गांव के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। आरवीएनएल के खिलाफ गूलर में प्रदर्शन करते हुए प्रभावितों ने कहा कि टनल का कार्य पिछले तीन साल से चल रहा है।
हर रोज ब्लास्टिंग होने से गांव में 14 परिवारों के मकान पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। आरोप लगाया कि आरवीएनएल मकानों में आई दरारें भरने के लिए छोटी रकम देकर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। प्रभावितों ने जर्जर मकानों का मुआवजा देने, नजदीकी जमीन पर विस्थापित करने और प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
ग्रामीणों ने गूलर में आरवीएनएल के कैंप कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है तो आरवीएनएल के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में विमला देवी, मदन रयाल, मनोज प्रसाद, कीर्ति राम, प्रधान बृजेश कुमार, सत्ये सिंह, वासुदेव, राकेश रयाल, राजेंद्र प्रसाद, राधेलाल, कमलदीप, कविता देवी तथा शाकंभरी देवी, धनवीर आदि शामिल थे।