प्रशासन पर गुमराह करने का लगाया आरोप
कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की दी चेतावनी
कंडीसौड (टिहरी)। जिला प्रशासन की ओर से बौर व राम गांव की चारागाह की भूमि की नीलामी स्थगित करने के बाद भी स्थानीय ग्रामीणों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण नीलामी की प्रक्रिया स्थगित करने की मांग पर अड़े हैं। मांग के समर्थन में शनिवार को 13वें दिन भी धरने पर डटे रहे। जल्द कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
धरना स्थल सुल्याधार में पैतृक भूमि संरक्षण समिति के अध्यक्ष नत्थी सिंह कैंतुरा की अध्यक्षता में मांग के समर्थन में लोगों ने धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर हुई बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि चारागाह की लगभग 79 नाली भूमि नीलामी स्थगित करने के नाम पर प्रशासन लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है।
चारागाह की भूमि पुश्तैनी है वर्षो से यह भूमि ग्रामीणों के अधिकार क्षेत्र में है। नीलामी प्रक्रिया की अब प्रशासन क्या जांच कराएगा। नीलामी का टेंडर होने से पहले प्रशासन ने स्थानीय लोगों का पक्ष क्यों नहीं जाना। ग्राम पंचायतों की सहमति के बिना टेंडर प्रक्रिया कैसे जारी कर दी गई। चेतावनी दी यदि जल्द ही नीलामी स्थगित नहीं की गई तो लोग कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। इस मौके पर विक्रम सिंह अधिकारी, श्याम लाल, नरेंद्र सिंह रावत, रविंद्र सिंह कैंतुरा, मनवीर सिंह भंडारी, मान सिंह रावत, शूरवीर सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।