चंबा ब्लॉक में नकोट क्षेत्र के ग्राम छाती में एक मकान के ऊपर पेड़ गिर गया। इस दौरान कमरे में बैठे घर के सदस्यों ने भागकर जान बचाई। आपदा प्रबंधन की लापरवाही इस कदर है कि घटना के 36 घंटे बाद भी कोई मकान पर गिरा पेड़ हटाने नहीं पहुंचा। पीड़ित परिवार खतरे की जद में आए कमरे में रहने के लिए मजबूर है।
नकोट क्षेत्र के ग्राम छाती निवासी केदार सिंह चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह के साढ़े छह बजे वह परिवार के सदस्यों के साथ कमरे में बैठे थे। इस दौरान अचानक मकान के ऊपर खड़ीक का पेड़ गिर गया। आवाज सुनकर घर के सदस्य बाहर भागे और जान बचाई। मकान के ऊपर पेड़ गिरने से गोदांबरी देवी के मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित ने बताया कि इसकी सूचना तत्काल पटवारी और आपदा कंट्रोल रूम को दे दी थी लेकिन बृहस्पतिवार सुबह हुई घटना के 36 घंटे बाद भी शुक्रवार शाम तक कोई पेड़ हटाने नहीं पहुंचा। पीड़ित ने बताया कि दोनों भाइयों के मकान की ऊपरी मंजिल क्षतिग्रस्त होने से मकान की दीवारों पर भी दरारें पड़ गई हैं। कमरा टूटने पर वह पास के ही कमरे में शिफ्ट हुए हैं। गांव के प्रधान ने पीड़ित परिवार को आपदा के तहत मुआवजा देने की मांग की। इस बाबत तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने कहा कि शनिवार को मौके पर टीम भेज दी जाएगी।