टिहरी बांध प्रभावित तिवाड़ गांव, मरोड़ा गांव तथा कोटेश्वर बांध प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीणों का पुनर्वास करने और जमीन के बदले जमीन देने संबंधी मांग को लेकर जिला प्रशासन, पुनर्वास और टीएचडीसी की संयुक्त बैठक हुई। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी पुनर्वास अपूर्वा सिंह, ईई पुनर्वास धीरेंद्र नेगी, आंशिक डूब संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, प्रदीप भट्ट, जितेंद्र सिंह, हंसलाल चौहान, जोत सिंह, भरत सिंह, विजयपाल नेगी, बालम पंवार, प्रीतम पंवार, सतीश कंसवाल आदि शामिल थे। धरना समाप्त मुद्दों पर सहमति के बाद तिवाड़ गांव में पिछले 18 दिनों से आंदोलनरत ग्रामीणों ने मांग पूरी होने पर धरना समाप्त कर दिया।
टिहरी बांध प्रभावित तिवाड़ गांव, मरोड़ा गांव तथा कोटेश्वर बांध प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीणों का पुनर्वास करने और जमीन के बदले जमीन देने संबंधी मांग को लेकर जिला प्रशासन, पुनर्वास और टीएचडीसी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी। डीएम/पुनर्वास निदेशक डा. सौरभ गहरवार ने निर्देश दिए कि प्रभावित ग्रामीणों का पुनर्वास करना आवश्यक है। तिवाड़ गांव और मरोड़ा के ग्रामीणों को टीएचडीसी के स्वामित्व वाली भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। जबकि पयाल गांव के पुनर्वास की भी सहमति बनी। पयाल गांव के पुनर्वास के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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शुक्रवार को जिला सभागार में डीएम/पुनर्वास निदेशक डा. सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। तिवाड़ गांव और मरोड़ा के ग्रामीणों ने जमीन के बदले जमीन उपलब्ध कराने को कहा। ग्रामीणों के अधिवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने बताया कि गांव के 32 परिवारों की 50 प्रतिशत भूमि झील में डूबी है। इस दौरान सहमति बनी कि गोरण, सिरांई में टीएचडीसी के स्वामित्व वाली भूमि को सीमांकन के बाद प्रभावितों को दिया जाए। हालांकि टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने कहा कि इस भूमि को वाडिया इंस्टीट्यूट ने खतरे की जद में बताया है जिस पर अधिवक्ता भट्ट ने रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा कि कुछ हिस्से पर खतरा है, जिसका सीमांकन कर शेष ग्रामीणों को दी जाए। वहीं पयाल गांव के 45 परिवारों के पुनर्वास के लिए भी बैठक में सहमति बनी। पुनर्वास विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके गुप्ता ने बताया कि आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से रिपोर्ट ली जाएगी कि गांव में झील या अन्य किस कारण से भूस्खलन हो रहा है। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी पुनर्वास अपूर्वा सिंह, ईई पुनर्वास धीरेंद्र नेगी, आंशिक डूब संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, प्रदीप भट्ट, जितेंद्र सिंह, हंसलाल चौहान, जोत सिंह, भरत सिंह, विजयपाल नेगी, बालम पंवार, प्रीतम पंवार, सतीश कंसवाल आदि शामिल थे।
धरना समाप्त
मुद्दों पर सहमति के बाद तिवाड़ गांव में पिछले 18 दिनों से आंदोलनरत ग्रामीणों ने मांग पूरी होने पर धरना समाप्त कर दिया। समिति के अध्यक्ष कुलदीप पंवार, दिनेश पंवार, नरेंद्र रावत ने कहा कि एक माह के भीतर टीएचडीसी ने भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले नौ दिनों से आंदोलनरत पयाल गांव के ग्रामीणों ने शनिवार (आज) धरना समाप्त करने का निर्णय लिया है।