प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र के थौलधार ब्लॉक के 27 गांव को ओबीसी में शामिल नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब थौलधार क्षेत्र को परिसीमन के दौरान प्रतापनगर विधानसभा में मिलाया गया, तो ग्रामीणों की राय तक नहीं ली गई।
सोमवार को जुवा-उदय कोट ओबीसी संघर्ष समिति के संयोजक व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अतर सिंह तोमर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डाइजर से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप पंवार, पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने प्रतापनगर के विधानसभा क्षेत्र के घनसाली तहसील के ढुंगमंदार और प्रतापनगर के धारमंडल, रैका, ओण, भदूरा, उपली रमोली, रौणद रमोली पट्टी को फिकवाल समुदाय में मानकर ओबीसी का दर्जा दिया गया।
जबकि प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में शामिल थौलधार ब्लॉक के जुवा पट्टी के 22 और उदयकोट के पांच गांव को ओबीसी का दर्जा नहीं दिया गया है। थौलधार की पूर्व प्रमुख रजनी सजवाण, पूर्व विधायक विजय पंवार, धन सिंह नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार क्षेत्र एवं जातिवाद के आधार पर बांटने का काम कर जनता को आपस में लड़वा रही है।
प्रदर्शनकारियों में सत्ये सिंह राणा, विजयपाल नेगी, जसवीर भंडारी, पवन रावत, प्रमोद नेगी, कीर्ति बिष्ट, मस्ता नेगी, राजेंद्र जुयाल, विनोद रतूड़ी, राजेंद्र सिंह, विनोद रमोला, विशन सिंह, नत्थी सिंह कैंतुरा, भगवान सिंह राणा, चिंरजी लाल, रामचंद्र रावत, अजय रावत, गंभीर चौहान, रोशन पंवार, आजाद नेगी, बेबी असवाल, रजनी मखलोगा, अनीता कंडियाल, राधा देवी, लीला देवी, शाखा देवी आदि शामिल थे।