नई टिहरी। चेक बाउंस के आरोप में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक अभियुक्त को तीन माह साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्त पर छह लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। उस राशि में से 5.95 लाखा रुपये परिवादी को बतौर प्रतिकर भुगतान करने और पांच हजार रुपये राजकोष में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
परिवादी उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा ठांगधार चंबा ने अपने परिवाद में बताया कि अभियुक्त ने वर्ष 2023 में अपना मोटर मैकेनिक का व्यवसाय बढ़ाने के लिए बैंक शाखा में स्वरोजगार योजना ऋण के लिए आवेदन कर मार्च 2023 में एक लाख रुपये का ऋण लिया। उसी तिथि को टर्म लोन के माध्यम से 5.5 लाख रुपये का ऋण लिया। लेकिन ऋण लेने के बाद अभियुक्त ने ऋण का भुगतान नहीं किया। नोटिस भेजने के बाद अभियुक्त ने नवंबर 2024 को शेष ऋण भुगतान के लिए 5.90 लाख रुपये का चेक दिया। बैंक शाखा ने चेक आहरण के लिए बैंक में लगाया। लेकिन संबंधित खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। उसके बाद अभियुक्त को नोटिस भेजा गया। बावजूद उसने भुगतान नहीं किया। जिससे अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (सीडि) आफिया मतीन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त वीसम अहमद मोटर मैकेनिक वर्कशॉप चंबा को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए छह लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।