उद्योगों के अनुकूल नए पाठ्यक्रम संचालित करने का दिया सुझाव
नई टिहरी। मुख्य विकास अधिकारी वरूणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्योग अनुकूल कोर्स संचालित करने का सुझाव दिया गया।
विकास भवन में आयोजित बैठक में सीडीओ वरुणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का कौशल विकास पर सबसे ज्यादा फोकस है। कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित संख्या में है। ऐसे में हमें स्वरोजगार और नवाचार के प्रयासों की ओर जाना है। इस दौरान स्किल गैप पर चर्चा की गई। उद्योग महाप्रबंधक गजेंद्र सिंह ने बताया गया कि विभिन्न उद्योगों से फीडबैक मिला है कि जो भी कोर्स आईटीआई और पॉलिटेक्निक में संचालित किए जा रहे हैं, वे उद्योग के अनुकूल नहीं हैं जबकि विभिन्न उद्योगों में वर्तमान में फार्मा, पैकेजिंग, रेडिएटर, फोटोग्राफी मेकिंग उच्चस्तरीय कोर्से मशीन लर्निंग, एआई, रोबोटिक्स आदि की आवश्यकता है।
ऐसे में इन कोर्स को करने से ही युवाओं को रोजगार मिल सकते हैं। कहा कि विद्यार्थियों में सॉफ्ट स्किल की कमी के कारण भी उन्हें बेहतर जॉब प्राप्त नहीं हो रहे हैं। सीडीओ ने निर्देश दिए कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक में चलाए जा रहे विभिन्न कोर्स को अपडेट किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विदेश रोजगार प्रकोष्ठ लैंग्वेज कोर्स के समकक्ष सॉफ्ट स्किल कोर्स को इन संस्थानों में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक में जिला सेवा योजन अधिकारी लक्ष्मी यादव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी साक्षी शर्मा, पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य आदि मौजूद रहे।