विस्थापितों की आड़ में सरकारी विभाग जल संस्थान को प्रति वर्ष लाखों के राजस्व का चूना लगा रहा है। स्थिति यह है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का समय पर मानदेय भुगतान करना भी जल संस्थान के लिए मुश्किल हो गया है।
पानी के बिल का भुगतान करने के लिए जल संस्थान की ओर से सरकारी विभागों को तीन दिन का अल्टीमेंटम दिया गया है। साथ ही बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी गई है।
टिहरी बांध प्रभावित परिवारों के लिए नई टिहरी क्षेत्र में पानी और सीवर टैक्स माफ है, लेकिन विस्थापितों की आड़ में सरकारी विभाग भी पानी का बिल जमा नहीं कर रहे हैं। पीजी कालेज नई टिहरी जल संस्थान का सबसे बड़ा बकायेदार है।
पीजी कालेज पर जल संस्थान का 13 लाख, बेसिक शिक्षा विभाग और जिला अस्पताल बौराड़ी 12-12 लाख, डाक अधीक्षक विभाग पर तीन लाख 52 हजार, संस्कृत महाविद्यालय पर दो लाख 57 हजार का बकाया चल रहा है।
जल संस्थान के मुख्य राजस्व सहायक एचएस कैंतुरा ने बताया कि बिल भुगतान नहीं करने वाले सभी सरकारी विभागों को आज अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। तीन दिन के अंतर्गत भुगतान नहीं करने पर जिला अस्पताल बौराड़ी, शिक्षा विभाग, डाक विभाग का कनेक्शन काट दिया जाएगा। बताया कि अब तक 50 उपभोक्ताओं के पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। मार्च में विभाग ने 15 लाख की राजस्व वसूली की है।