पुनर्वास की मांग को लेकर उठड़ के बांध प्रभावितों दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। कंक्रीट लेकर वहां खड़े ट्रक चालकों के अनुरोध करने पर ग्रामीणों ने सोमवार शाम उन्हें छोड़ दिया, जिससे दूसरे दिन कोई भी चालक रोड़ी लेने असेना क्वारी नहीं गया। ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहने से पीएसपी का कार्य बाधित होना निश्चित है।
टिहरी बांध प्रभावित उठड़ के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से उन्हें पुनर्वास से वंचित होना पड़ रहा है। जो उपजाऊ भूमि थी, वह झील में डूब गई है। जिससे उनके सामने खेती-बाड़ी का संकट बना हुआ है।
कई बार मांग करने पर भी टिपरी-छोलगांव-घनसाली मोटर मार्ग के लिए वर्षों पहले अधिगृहित की गई जमीन को उनके भू-अभिलेखों से नहीं हटाई जा रही है, जिससे गांव के 29 परिवार पात्रता से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि मांगों का हल नहीं निकाला जाता है, तो असेना क्वारी से रोड़ी के ट्रक नहीं जाने दी जाएगी। धरना देने वालों में प्रधान अनीता देवी, समन सिंह रावत, लोकमान सिंह, यशपाल रावत, मुकंद सिंह रावत, गोविंद रावत, कीर्ति सिंह, दिनेश रावत आदि शामिल थे।