नोटबंदी के महीनेभर बाद भी बैंक शाखाओं व एटीएम पर उपभोक्ताओं को नई करेंसी की उपलब्धता की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। लोगों को जरूरत के लिहाज से बैंक खातों से धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के कई जरूरी कार्य अटक रहे हैं। उधर, बैंकों में छोटी करेंसी की दिक्कत अभी भी बनी है। वहीं उपभोक्ताओं को बाजार में दो हजार रुपये के नोट चलाने में दिक्कत हो रही है।
सी ब्लाक निवासी कुशला प्रसाद सेमवाल ने बताया कि उन्हें 10 हजार रुपये कैश की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें बैंक से महज दो हजार रुपये ही मिले हैं। बैंक कर्मियों का कहना है कि कैश कम आने से वे जरूरत के हिसाब से ही दे सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर की संचालक रीना रतूड़ी ने बताया कि एटीएम से 2000 रुपये के नए नोट उपलब्ध हैं। 100 व 500 रुपये की करेंसी नहीं मिलने पर बड़े नोट बाजार में कैश नहीं हो पा रहे।
बैंक को बीते बुधवार को 50 करोड़ का कैश मिला था, जो जिलेभर में सभी बैंक शाखाओं में वितरण के बाद बृहस्पतिवार को समाप्त हो चुका है। 100 रुपये की करेंसी की कमी अभी भी बनी है। लोग अपने पास धन जमा कर रहे हैं, इससे भी दिक्कतें आ रही हैं। उनसे अपील है कि वह अपने पास धन होल्ड नहीं करें। उसे बाजार में सर्कुलेट करने ही स्थिति सामान्य होगी।
दीपक कोठियाल, प्रभारी प्रबंधक एसबीआई मुख्य शाखा, नई टिहरी।
बैंक में धन आहरण की व्यवस्था लगभग सामान्य है। उपभोक्ताओं को सप्ताहभर में 24 हजार की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। बावजूद इसके सौ-पांच सौ के नोटों की कमी बरकरार है। इसलिए एटीएम पर दो हजार के नोट ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सलील डोभाल, प्रभारी प्रबंधक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नई टिहरी।