पुरानी टिहरी गणेश प्रयाग के ऊपर टिहरी झील के किनारे बनने वाले गंगा-गणपति मंदिर का प्रतापनगर के विधायक व संसदीय सचिव विक्रम सिंह नेगी एवं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने वैदिक मंत्रोचार और हवन पूजन के साथ शिलान्यास किया।
विधायक विक्रम नेगी ने कहा कि पुराणों के अनुसार पुरानी टिहरी स्थित भागीरथी और भिलंगना नदी के संगम पर भगवान गणेश ने वर्षों तक तपस्या कर भगवान भोले को प्रसन्न किया था। तब से इस स्थान को गणेश प्रयाग के नाम से जाना जाता था, लेकिन टिहरी बांध की झील के कारण संगम एवं गणेश का मंदिर डूब चुका था।
अब झील से सटे ठीक ऊपर के इसी स्थान पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति भव्य मां गंगा-गणपति मंदिर बना रही है। इसके बनने से टिहरी झील के पार पहला धार्मिक पर्यटन स्थल होगा। उन्होंने इसकी स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत और बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आभार जताया।
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से भूमि समिति को मिल गई है। मंदिर समिति को झील पार के यात्रियों एवं श्रद्घालुओं के लिए बोट लगाएगी, ताकि श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना करने जा सकेंगे। इस मौके पर मंदिर समिति के अभियंता अनिल ध्यानी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष खुशीलाल, अरविंद खरोला, मान सिंह रौतेला, संजय थपलियाल, प्रधान मंशाराम, बुद्धि राम व विवेक भद्री आदि मौजूद थे।